Tuesday, July 14, 2026 |
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मरीन इलेक्ट्रिकल्स ने कमिंस से हाथ मिलाया

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/मुंबई। जंगी जहाज और पानी में चलने वाले अन्य जहाज के पावर डिस्ट्रीब्यूशन और पैनलिंग से जुड़े काम करने वाली कंपनी मरीन इलेक्ट्रिकल्स ने मल्टी नेशनल कंपनी कमिंस की भारतीय इकाई कमिंस इंडिया के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत मरीन नेवी के शिप में काम आने वाले पम्प बनाने का काम करेगी। इस करार से मरीन को अच्छा खासा फायदा होने की उम्मीद है।

मरीन ने एनएसई को दी गई एक सूचना में यह जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है यह एमओयू निजी शिप मालिकों के अलावा विशेष रूप से भारतीय नौसेना के लिए विशिष्ट क्षेत्रों में आपूर्ति, कमीशनिंग और बिक्री के बाद सेवाओं, डीजल जनरेटर सेट या पारंपरिक या डीजल-इलेक्ट्रिक कॉन्फग़िरेशन के साथ एकीकृत प्रोपल्शन और बिजली उत्पादन सॉल्यूशन की सुविधा प्रदान करेगा। मरीन इलेक्ट्रिकल की सब्सिडयरी नरहरि इंजीनियरिंग वक्र्स ने एनएसई पर दी गई सूचना में कहा है कि वह इस समय विस्तार की योजना बना रही है। नरहरि इंजीनियरिंग वक्र्स 1रूङ्ख की रेंज तक नेवल और मरीन दोनों मोटरों के निर्माण के लिए अपनी विनिर्माण सुविधा का विस्तार करने की प्रक्रिया में है। इसका मुंबई के पास पालघर में नई मैन्यूफैक्चरिंग फेसिलिटी निर्माणाधीन है। उस प्लांट में कंपनी नेवल और मरीन एप्लिकेशन अल्टरनेटर का निर्माण भी शुरू कर रही है। नरहरि इंजीनियरिंग वक्र्स 1964 से नौसेना इंजीनियरिंग मानकों को पूरा करने वाले कस्टम मेड शॉक ग्रेडेड मोटर्स के निर्माण में माहिर है। नरहरि इंजीनियरिंग वक्र्स 300 किलोवाट की रेटिंग तक नौसेना के जहाजों पर लगाए जाने के लिए उपयुक्त प्रत्येक एप्लिकेशन के लिए मोटर बनाती है। मरीन इलेक्ट्रिकल पंप के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही है। पंप में इंडिया में जो कंपनियां हैं उनमें प्रमुख रूप से शक्ति पंप, डब्ल्यूपीआईएल लिमिटेड और किर्लोस्कर न्यूमैटिक और अन्य हैं। किर्लोस्कर का पहले कमिंस से टाईअप था, जो अब मरीन के साथ हो गया है।

उल्लेखनीय है कि मरीन इलेक्ट्रिकल ही इंडियन नेवी के सारे शिप के पावर डिस्ट्रीब्यूशन, पैनल और रडार की आपूर्ति करती है। आईएनएस विक्रांत का भी काम इसी कंपनी ने किया है। चाहे वह ऑर्डर भले ही गार्डन रीच, कोचीन या गोवा शिपयार्ड या एलएंडटी जैसी कंपनियों को मिलते हैं। इंडियन नेवी के अप्रूव वेंडर के रूप में यही कंपनी काम करती है। कंपनी ने विदेशों में स्थिति मजबूत करने के लिए हाल ही में यूरोप और यूएई में आफिस खोली है।



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