वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र के बजट में हर किसी को राहत देने का प्रयास किया है। चाहे किसान हो या फिर औद्योगिक सेक्टर हो। काफी समय से रियल एस्टेट में भी धोखाधड़ी की खबर आती रही है। इसके लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। पहले जहां जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की खबरें अक्सर आती रहती हैं। कई बार तो एक ही प्लॉट कई लोगों को बेच दिया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्लॉट के लिए भू-आधार नंबर देने की घोषणा की है। यह आधार की तरह एक विशिष्ट पहचान संख्या होगी। साथ ही वर्ष, 2027 तक शहरी इलाकों में जमीन के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की योजना है। इस रिफॉर्म को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय सहायता देगी। माना जा रहा है कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रेडिट फ्लो और एग्रीकल्चरल सर्विसेज से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे कस्बों और शहरों में जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी रोकने और प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन में सुधार करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने बजट में कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भूमि से संबंधित सुधार और एक्शन के दायरे में लैंड एडमिनिस्ट्रेशन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट और अर्बन प्लानिंग, यूसेज और बिल्डिंग्स से जुड़े नियम आएंगे। उचित वित्तीय सहायता के माध्यम से इन्हें अगले तीन वर्षों के भीतर पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े कामों में सभी लैंड पार्सल के लिए यूनीक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर या भू-आधार देना, जमीन से जुड़े मैप्स का डिजिटलीकरण, वर्तमान स्वामित्व के अनुसार मैप सब-डिवीजन्स का सर्वे, लैंड रजिस्ट्री की स्थापना और किसानों की रजिस्ट्री से लिंक करना शामिल होगा।संभवत:आने वाले समय में जमीन की होने वाली धोखाधड़ी से आमजन बच सकेगा। इससे वह अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकेगा।

