Friday, July 10, 2026 |
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भारत में नौकरी तलाशने वालों में बढ़ी सतर्कता, आवेदन से पहले 82प्रतिशत लोग कर रहे जांच: Report

by Business Remedies
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Indian Professionals Checking Job Authenticity Online

भारत में नौकरी की तलाश करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक नई Report के अनुसार अब 10 में से 8 पेशेवर किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर रहे हैं।

LinkedIn द्वारा जारी विश्लेषण के मुताबिक 82प्रतिशत भारतीय पेशेवर आवेदन से पहले यह सुनिश्चित करते हैं कि नौकरी असली है या नहीं, जबकि 53प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे पिछले साल की तुलना में अब नौकरी को लेकर धोखाधड़ी की आशंका अधिक करते हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि ऑनलाइन नौकरी घोटालों के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है और डिजिटल भर्ती प्रणाली पर भरोसा कुछ हद तक कमजोर हुआ है। अब नौकरी बाजार में धोखाधड़ी इतनी सामान्य हो गई है कि लोगों की आदतों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि युवा वर्ग, खासकर जनरेशन जेड, इस जोखिम के प्रति अधिक संवेदनशील है। भारत में 49प्रतिशत युवा नौकरी तलाशने वालों ने माना कि वे किसी नौकरी घोटाले का शिकार होने के करीब पहुंच चुके हैं, जबकि जनरेशन एक्स में यह आंकड़ा 36 प्रतिशत है। इसके अलावा आधे से अधिक युवाओं ने स्वीकार किया कि जब कोई अवसर बहुत महत्वपूर्ण लगता है तो वे चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे पता चलता है कि प्रतिस्पर्धा और जल्दबाजी कई बार सावधानी पर भारी पड़ जाती है।

रिपोर्ट के अनुसार नौकरी खोज की शुरुआत का चरण सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है। हर पांच में से एक पेशेवर ने बताया कि वे नौकरी खोजते समय सबसे ज्यादा चिंतित रहते हैं, वहीं लगभग इतने ही लोगों ने कहा कि शुरुआती भर्ती संपर्क के दौरान वे सबसे अधिक असुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि उस समय जानकारी कम होती है और भरोसा स्थापित नहीं हुआ होता। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 10 में से 9 मामलों में धोखाधड़ी करने वाले नौकरी तलाशने वालों को प्लेटफॉर्म से हटाकर निजी मैसेजिंग एप्स पर ले जाते हैं, जहां खातों की पुष्टि करना मुश्किल होता है और बातचीत अधिक अनौपचारिक लगती है।

इस समस्या से निपटने के लिए LinkedIn ने तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही है। इसमें फर्जी खातों और धोखाधड़ी वाली नौकरियों की पहचान, कंपनियों और भर्ती करने वालों के लिए भरोसे के संकेत, और उच्च जोखिम वाली नौकरियों के लिए अनिवार्य पहचान सत्यापन जैसी व्यवस्था शामिल है। भारत में कंपनी की विधिक और सार्वजनिक नीति प्रमुख अदिति झा ने कहा कि पेशेवरों में जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन तेज और प्रतिस्पर्धी बाजार में उस जागरूकता को लगातार लागू करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित नौकरी प्रणाली बनाने के लिए केवल जागरूकता काफी नहीं है, बल्कि मजबूत सुरक्षा उपाय, भरोसेमंद संकेत और सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी जरूरी है। कंपनी ने पेशेवरों को सलाह दी है कि वे शुरुआती भर्ती संदेशों के दौरान जल्दबाजी न करें, खासकर जब संदेश अस्पष्ट या जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाते हों। साथ ही भर्ती करने वाले की प्रोफाइल की जांच, कंपनी के पेज पर प्रमाणिकता चिन्ह देखना और बातचीत को जल्दी दूसरे प्लेटफॉर्म पर ले जाने के अनुरोध से सतर्क रहना जरूरी है।



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