बिजऩेस रेमेडीज JECRC University ने 3 राज नेवल NCC Unit के सहयोग से 15 से 25 जून 2025 तक चलने वाले एनुअल ट्रेनिंग कैंप (2025) का आयोजन कर, शिक्षा से सेवा की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। यह तीसरा एनुअल ट्रेनिंग कैंप (एटीसी) है। इसमें 400 से अधिक कैडेट्स, जिनमें 100 से अधिक महिला कैडेट्स शामिल हैं, देश सेवा के मूल्य, लीडरशिप क्वॉलिटी और मानसिक दृढ़ता का अभ्यास कर रहे हैं।
विशेषता यह रही कि पहली बार एटीसी को किसी विश्वविद्यालय परिसर में इतने बड़े, तकनीकी और स्ट्रक्चर्ड फॉर्म में आयोजित किया गया। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का मॉडर्न इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा मानकों और कैडेट-केन्द्रित वातावरण ने ट्रैनिंग को अत्यधिक प्रभावी और अनुशासित बनाया। यहां ‘बियॉन्ड द क्लासरूम’ अनुभव के तहत कैडेट्स को सेना की वास्तविक जीवन स्थितियों के लिए मानसिक और व्यवहारिक रूप से तैयार किया गया।
15 जून को बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन, निर्देश, सीनियर्स की नियुक्ति और प्रतियोगिताओं की घोषणा के साथ कैंप का उद्घाटन हुआ। कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) द्वारा दिए गए प्रेरणादायक संबोधन में बताया गया कि यह कैंप केवल ट्रैनिंग नहीं बल्कि जीवन मूल्यों और राष्ट्रीय सेवा की नींव है। 16 से 24 जून तक योग, पीटी, शारीरिक अभ्यास, सीमैनशिप, नेविगेशन, रिगिंग, टेंट पिचिंग, बोटवर्क, एसएसबी गाइडेंस और साइकोलॉजिकल सेशंस ने कैडेट्स के व्यक्तित्व को संवारने में योगदान दिया। यह ट्रेनिंग ‘सेवा ही सम्मान है’ की भावना को आत्मसात करने का मंच बनी। इस कैंप में राजस्थान के प्रतिष्ठित विद्यालय —बीवीबी, द पैलेस, सैनिक स्कूल, केवी-5, एवीएम मंडावा, वदंता, माणक, पैरामाउंट, बंसल, टीआईएस और निम्म्स — तथा जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, जेवियर्स कॉलेज, सुबोध महिला पीजी महाविद्यालय और ओपन कैटेगरी के छात्र-छात्राओं की भागीदारी रही। सभी ने वॉलीबॉल, टग ऑफ वॉर, ग्रुप डांस, ग्रुप सॉन्ग, डिबेट, पीपीटी प्रजेंटेशन, क्विज और डिसिप्लिनरी ड्रिल में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्पैशल गेस्ट लेक्चर्स में कर्नल भरवां व कर्नल राजवर्धन जैसे अनुभवी सैन्य अधिकारियों ने लीडरशिप, डिसीजऩ मेकिंग एबिलिटी, सोशल कंडक्ट, और अभिव्यक्ति की शक्ति पर ज़ोर दिया। ‘आपके जीवन के मूल्य आपकी त्वचा की तरह हर परिस्थिति में आपके साथ रहने चाहिए’ – यह कथन कैडेट्स को समर्पण की भावना से प्रेरित करता रहा। कर्नल भरवां ने यह भी बताया कि केवल आउटस्पोकन और तेज़ बुद्धि रखने वाले ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, सहज, और ज़िम्मेदार अधिकारी बनने की आवश्यकता है। कैंप में छात्रों को असफलता से सीखने, कठिन परिस्थितियों में संयम रखने और तेज निर्णय लेने की आदत डाली गई। रियल-टाइम सिचुएशन रिएक्शन टेस्ट और ब्रीदिंग टेक्नीक के अभ्यास से आत्म-नियंत्रण और स्पष्ट विचार क्षमता का विकास हुआ।

