बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोडऩे और भविष्य के Health सिस्टम को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, JECRC University, जयपुर ने 12 अप्रैल 2025 को ‘Meditech Concleve 2025’ का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर देशभर से चिकित्सा विशेषज्ञ, टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स और HealthCare लीडर्स ने पार्टिसिपेट किया।इस वर्ष के कॉन्क्लेव का विषय था : ‘ए आई इन HealthCare’, जिसके अंतर्गत आधुनिक तकनीकों के माध्यम से इलाज में रेडिकल चेंज लाने पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीमेडिसिन, रोबोटिक रिहैबिलिटेशन, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, स्मार्ट वियरेबल्स और बायोमेडिकल इनोवेशन जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।
उपस्थित प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल थे :
डॉ. नरेश कुमार सोनी (सीनियर कंसलटेंट, ऑनकोलॉजी – फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल)
डॉ. राजेश पाठक (सीनियर कंसलटेंट, पीडियाट्रिक्स- नारायणा हॉस्पिटल)
डॉ. जैनेंद्र जैन (सीनियर कंसलटेंट, रेडियोलॉजी – नारायणा हॉस्पिटल)
डॉ. आशीष अग्रवाल (प्रमुख, फिजियोथेरेपी- सीके बिड़ला हॉस्पिटल)
डॉ. सुमन सिंघल (कार्डिएक इमेजिंग डायरेक्टर- महाजन डायग्नोस्टिक्स, फोर्टिस हॉस्पिटल)
डॉ. बुद्धादित्य चक्रवर्ती (डायरेक्टर, सीटीवीएस- आरएचएल हेल्थ सेंटर)
डॉ. रोहन भार्गव (कंसलटेंट, जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन- बॉम्बे हॉस्पिटल)
University के डॉयरेक्टर अमित अग्रवाल ने जेईसीआरसी मेडिकल कॉलेज की प्रगति के बारे में भी जानकारी साझा की, गौरतलब है की JECRC मेडिकल कॉलेज की निर्माण कार्य कैंपस में जोड़ शोर से चालू है, जिसको की 2026 के ऐकडेमिक सेशन से शुरू किया जाना प्रस्तावित है। मेडिटेक कॉन्क्लेव 2025 के दौरान, उन्होंने भारत में डिजिटल हेल्थकेयर क्रांति को गति देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहलों की घोषणा भी की:
1. राजस्थान का पहला बीसीए इन हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स प्रोग्राम : यह कोर्स कंप्यूटर एप्लिकेशन और स्वास्थ्य सेवा को मिलाकर छात्रों को तकनीक आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करेगा।
2. JECRC University सैंटर फॉर डिजिटल हेल्थ (जेयूसीडीएच) : यह राजस्थान का पहला डिजिटल हेल्थ इनोवेशन सेंटर होगा, जो विशेष रूप से ग्रामीण, रेगिस्तानी और जनजातीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य जरूरतों पर केंद्रित रहेगा।
3. ए आई इनोवेशन इन हेल्थकेयर आइडियाथॉन : इस प्रतियोगिता में विजेता टीमों को सीड फंडिंग, मेंटरशिप, पेटेंट सहायता और इन्क्यूबेशन समर्थन प्रदान किया जाएगा, ताकि कम लागत वाले, एआई आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस को वास्तविकता में बदला जा सके।
जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डिजिटल स्ट्रैटेजिस्ट धीमंत अग्रवाल ने बताया कि मेडिटेक कॉन्क्लेव 2025, हमारा एक ऐसा विजऩ है जिसमें शिक्षा, नवाचार और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ लाकर समाज के लिए ठोस परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया है। हमारा उद्देश्य है कि हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण, किफायती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो सके। कॉनक्लेव का उद्देश्य चर्चा से हटकर भारत को इन्क्लूसिव एवं टैक्नोलॉजी बेस्ड हेल्थकेयर सिस्टम की ओर अग्रसर करना रहा।
डॉ. आकांक्षा शर्मा, कॉर्डिनेटर, डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी , स्कूल ऑफ एलाइड साइंसेज़, एवं डॉ. रवि शंकर शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ने कहा कि मेडिटेक कॉन्क्लेव 2025 को एक सफल मंच के रूप में देखा गया है, जहाँ हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए। इस आयोजन के माध्यम से नई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक रिहैबिलिटेशन और टेलीमेडिसिन की उपयोगिता को समझा और सराहा गया। JECRC University द्वारा इस प्रकार के आयोजन भविष्य की चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। JECRC University पिछले 25 वर्षों से शिक्षा और नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और अब स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और सशक्त बना रहा है।

