Sunday, July 12, 2026 |
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भारतीय शेयर बाज़ार में दीर्घकालिक निवेश से मजबूत धन सृजन की संभावना: रिपोर्ट

by Business Remedies
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Performance of Indian Stock Market Investments and Long Term Wealth Creation

New Delhi,

भारतीय शेयर बाज़ार (stock market update) को लेकर एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि लंबे समय तक निवेश करने पर यह निवेशकों के लिए मजबूत धन सृजन का माध्यम साबित हो सकता है। पिछले 20 वर्षों में भारतीय इक्विटी बाज़ार ने औसतन 11–12 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दी है, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) ने निवेशकों की पूंजी को 8 गुना से अधिक बढ़ाया है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि वर्ष 1990 से अब तक के आंकड़ों को देखा जाए तो भारतीय शेयर बाज़ार ने लगभग 80 गुना तक वृद्धि दर्ज की है, जो करीब 13 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न के बराबर है। यह दर्शाता है कि समय के साथ निवेश बनाए रखना अधिक फायदेमंद साबित होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाज़ार में सही समय पर निवेश करने से अधिक जरूरी है कि निवेशक लंबे समय तक बाज़ार में बने रहें। इतिहास में हर बड़ी गिरावट के बाद बाज़ार ने वापसी की है और निवेशकों को दीर्घकाल में अच्छा लाभ दिया है।

उतार-चढ़ाव निवेश का स्वाभाविक हिस्सा

रिपोर्ट बताती है कि शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है। लगभग हर वर्ष 10–20 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई है, लेकिन इसके बावजूद करीब 80 प्रतिशत वर्षों में बाज़ार सकारात्मक रिटर्न के साथ बंद हुआ है। इससे स्पष्ट होता है कि यह अस्थिरता अस्थायी होती है। हर 7 से 10 वर्षों में बाज़ार में 30–60 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, ऐसे समय में भी 1 से 3 वर्षों के भीतर सुधार हो जाता है और इसके बाद तेज़ी का दौर आता है। यह निवेशकों को लंबे समय तक निवेश बनाए रखने की सलाह देता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों के शेयरों ने लंबे समय में बड़े कंपनियों के शेयरों की तुलना में अधिक रिटर्न दिया है। मिड कैप में 20 वर्षों में लगभग 14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, इनमें गिरावट भी अधिक और तेज़ होती है, इसलिए संतुलित निवेश जरूरी है।

लंबी अवधि का निवेश बढ़ाता है लाभ की संभावना

आंकड़ों के अनुसार, यदि निवेश 7 वर्षों से अधिक समय तक किया जाए तो दो अंकों (double digit) में रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कई मामलों में इस अवधि में नकारात्मक रिटर्न देखने को नहीं मिला है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अनुशासित निवेश जैसे एसआईपी (SIP) और एसटीपी (STP) निवेशकों को बाज़ार के उतार-चढ़ाव से बचने, जोखिम को संतुलित करने और धीरे-धीरे संपत्ति बनाने में मदद करते हैं। दीर्घकाल में शेयर बाज़ार ने महंगाई, कर्ज, सोना और रियल एस्टेट जैसे अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं रियल एस्टेट में लगभग 7–8 प्रतिशत का स्थिर लेकिन मध्यम रिटर्न मिला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निवेश में विविधता रखना जरूरी है।



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