नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारतीय रेलवे और भारतीय डाक विभाग ने रेल यात्रियों, खासकर ग्रामीण, अर्ध-शहरी और दूरदराज के इलाकों के रेल यात्रियों के लिए पोस्ट ऑफिस से टिकट बुकिंग की सुविधा देने की पहल की है। इसके तहत चुनिंदा पोस्ट ऑफिस को रेलवे के पसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) से जोड़ा गया है, जहां यात्री आसानी से ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। यह सुविधा उन क्षेत्रों में उपलब्ध है, जहां रेलवे स्टेशन या रिजर्वेशन काउंटर नहीं हैं। भारत के ग्रामीण और अर्ध ग्रामीण क्षेत्रों में 333 से अधिक पोस्ट ऑफिसों पर यह सेवा उपलब्ध है, जहां सभी क्लास जनरल, स्लीपर, एसी आदि श्रेणियों की टिकट बुक हो सकेंगी।
रेल यात्रियों को क्या करना होगा?
रेल यात्रियों को निकटतम पीआरएस पोस्ट ऑफिस में जाना होगा। वहां वे गंतव्य, तारीख, ट्रेन नंबर, नाम और क्लास की जानकारी दें। पोस्ट ऑफिस स्टाफ पीआरएस के जरिए बुकिंग करेगा और तुरंत वैध रेलवे टिकट प्रिंट कर देगा। पेमेंट का भुगतान नकद या डिजिटल में किया जा सकता है।
भीड़भाड़ व ऑनलाइन सर्वर
समस्याओं से मिलेगी निजात
यह सुविधा त्योहारों जैसे दिवाली, छठ पूजा के दौरान भीड़भाड़ और ऑनलाइन सर्वर समस्याओं से राहत देगी। साथ ही बुजुर्गों और टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित होगी।
पीआरएस सिस्टम क्या है?
पीआरएस यानी यात्री आरक्षण प्रणाली भारतीय रेलवे का कम्प्यूटरीकृत केंद्रीकृत आरक्षण सिस्टम है। यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन रेल आरक्षण प्रणालियों में से एक है, जो लाखों यात्रियों को ट्रेन टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन, संशोधन और चार्ट तैयार करने की सुविधा देता है।
पुणे डिवीजन में नई शुरुआत
पुणे रेलवे डिवीजन में पहली बार उरुली कंचन और इचलकरंजी पोस्ट ऑफिस पर यह सेवा शुरू हुई है। आने वाले महीनों में और पोस्ट ऑफिस शामिल किए जाएंगे। यात्री फॉर्म भरकर या आधार/आईडी दिखाकर टिकट बुक कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस स्टाफ पीआरएस से टिकट प्रिंट करता है, तो स्टेशन पर लगने वाली लंबी कतारों से बचा जा सकता है।
यात्रियों को क्या फायदें होंगे?
ग्रामीण क्षेत्रों में “डोरस्टेप” जैसी सुविधा मिल सकेगी।
ट्रैवल एजेंटों पर निर्भरता कम होगी।
त्योहारों के दिनों में सरलता से टिकट बुकिंग हो सकेगी।
मोबाइल ऐप या वेबसाइट के इस्तेमाल से मिल सकेगा छुटकारा।
यह पारदर्शी और आधिकारिक प्रक्रिया है।

