ऑटो सेक्टर में मजबूती
भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अगस्त 2026 में बिक्री के शानदार आंकड़े दर्ज किए हैं। Passenger Vehicles और Commercial Vehicles Segment दोनों में कंपनियों ने सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि हासिल की है। बेहतर मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों और बढ़ती Freight Demand ने ऑटो सेक्टर की रफ्तार को मजबूती दी है।
Hyundai की बिक्री में 8.8% की बढ़त
Hyundai Motor India Limited ने अगस्त 2026 में कुल 65,796 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 8.8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की कुल बिक्री में Domestic Sales 54,396 यूनिट्स रही, जिसमें सालाना आधार पर 23.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह कंपनी का अगस्त महीने में अब तक का सबसे बेहतर Domestic Sales प्रदर्शन रहा।
कंपनी ने अगस्त में 11,400 यूनिट्स का Export भी किया। Hyundai Motor India के MD & CEO Tarun Garg ने कहा कि FY2027 में कंपनी की Growth Momentum मजबूत बनी हुई है और अप्रैल-अगस्त अवधि में Domestic Sales में 12.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है।
Export पर Geopolitical Challenges का असर
Tarun Garg ने बताया कि West Asia Conflict और मौजूदा Geopolitical Environment के कारण अगस्त में Export प्रभावित हुआ है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में स्थिति बेहतर होने के साथ Export Demand में सुधार देखने को मिलेगा।
Tata Motors और Mahindra का Commercial Vehicles Segment मजबूत
Tata Motors Limited ने अगस्त में Combined Domestic और International Sales 44,411 यूनिट्स दर्ज की, जो सालाना आधार पर 49 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की Domestic MH&ICV Sales 17,531 यूनिट्स रही, जिसमें 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
वहीं Mahindra & Mahindra Limited ने Trucks और Buses Business में Export सहित कुल 2,495 वाहनों की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।
Infrastructure Spending से Commercial Vehicles को समर्थन
Mahindra Trucks, Buses & CE Businesses के President Vinod Sahay ने कहा कि Commercial Vehicles Segment को बढ़ते Infrastructure Spending, Freight Demand और Replacement Demand से समर्थन मिल रहा है।
हालांकि कंपनियों के सामने बढ़ती Input Cost और Fuel Cost जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। कंपनियों के अनुसार अगस्त 2025 में GST बदलाव की उम्मीदों के कारण बिक्री कम रही थी, इसलिए इस साल की वृद्धि में Low Base Effect का भी योगदान रहा है।

