वेयरहाउसिंग सेक्टर में नई दिशा
नई दिल्ली। भारत में Warehousing Sector का विस्तार अब बड़े शहरों और Consumption Centres तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे और उभरते शहरों में भी तेजी से बढ़ने की संभावना है। Adani Ports and SEZ के Senior Vice President और Business Head–Warehousing and Adani Agri Logistics Pankaj Kumar Bhardwaj ने कहा कि कंपनी भविष्य में B और C Grade Cities में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
छोटे शहर बनेंगे नए Growth Market
Pankaj Bhardwaj ने बताया कि Odisha, West Bengal और Assam जैसे राज्यों में Warehousing और Logistics के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। इन राज्यों की सरकारें Logistics Policies के माध्यम से Manufacturers, Logistics Partners और Industrial Developers को आकर्षित कर रही हैं, जिससे नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
Grade A Cities से आगे बढ़ेगा विस्तार
उन्होंने कहा कि वर्तमान में 13-14 Million Square Feet Warehousing Capacity का लगभग 60-70 प्रतिशत हिस्सा A और B Grade Cities में केंद्रित है। हालांकि कंपनी की Future Roadmap केवल बड़े Consumption Centres तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों में भी विस्तार की योजना है। कंपनी के पास कई Locations पर Land Parcels उपलब्ध हैं, जहां Customer Requirements के अनुसार Ready-to-Use Warehousing Facilities विकसित की जा सकती हैं।
Port और EXIM आधारित विकास पर जोर
Bhardwaj ने बताया कि कंपनी Build-to-Suit (BTS) Model के तहत ग्राहकों की जरूरत के अनुसार Customized Warehousing Space भी तैयार कर सकती है। इसके अलावा Export-Import (EXIM), Port-led और ICD-led Developments पर भी कंपनी का फोकस है। Adani Ports के पास दोनों तटों पर 15-16 Ports मौजूद हैं, जो भविष्य में Logistics Network को मजबूत करेंगे।
Eastern Coast में बढ़ेगा निवेश
कंपनी Eastern और Southern Coast पर अपनी Port Presence को मजबूत कर रही है। Dhamra Port और Kerala के Vizhinjam Port जैसे Projects पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा Paradip में कंपनी ने हाल ही में दो Berths हासिल किए हैं।
Logistics Cost कम करने में मिलेगी मदद
Pankaj Bhardwaj के अनुसार Eastern India में Warehousing Infrastructure अभी उतना विकसित नहीं हुआ है। आने वाले वर्षों में Odisha, West Bengal और Assam जैसे राज्यों से बड़ा Growth Volume आने की उम्मीद है, जिससे देश के Logistics Ecosystem को मजबूती मिलेगी और लागत कम करने में सहायता मिलेगी।

