Tuesday, February 17, 2026 |
Home » निजी निवेश के मामले में भारत की बड़ी छलांग, विश्व बैंक की सूची में Top 5 स्थान

निजी निवेश के मामले में भारत की बड़ी छलांग, विश्व बैंक की सूची में Top 5 स्थान

by Business Remedies
0 comments
India Infrastructure Development Highlighted By World Bank Report

नई दिल्ली,

विश्व बैंक की ताज़ा रैंकिंग में भारत को निम्न और मध्यम आय वाले देशों में बुनियादी ढांचे में निजी निवेश के मामले में Top 5 देशों में शामिल किया गया है। Economic Survey 2025-26 में कहा गया है कि देश की विकास रणनीति में इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार केंद्रीय भूमिका निभा रहा है और FY15 से सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है। सर्वेक्षण के अनुसार, पीएम गतिशक्ति योजना के तहत बहु-मोडल योजना को संस्थागत रूप दिया गया है। इसके साथ राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति और डिजिटल मंचों के माध्यम से लेनदेन लागत और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े जोखिमों में कमी लाई गई है। पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। FY18 में .Rs.2.63 लाखकरोड़ से बढ़कर FY26 (BE) में यह .Rs.11.21 लाखकरोड़ हो गया है, जो लगभग 4.2 गुना वृद्धि दर्शाता है। FY26 (BE) में प्रभावी पूंजीगत व्यय .Rs.15.48 लाखकरोड़ आंका गया है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि बुनियादी ढांचा अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख वृद्धि चालक के रूप में उभर रहा है और इसका व्यापक गुणक प्रभाव पड़ता है।

वित्तपोषण के क्षेत्र में भी बदलाव देखा गया है। अब बुनियादी ढांचा केवल बैंकों के ऋण पर निर्भर नहीं है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा वाणिज्यिक क्षेत्र को दिए गए ऋण में FY20 से FY25 के दौरान 43.3 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। सड़क क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की लंबाई FY14 में 91,287 किलोमीटर से बढ़कर FY26 तक 1,46,572 किलोमीटर हो गई है, जो लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि है। उच्च गति गलियारों की परिचालन लंबाई 550 किलोमीटर से बढ़कर 5,364 किलोमीटर तक पहुंच गई है, जो लगभग 10 गुना विस्तार को दर्शाती है।

रेल क्षेत्र में मार्च 2025 तक नेटवर्क 69,439 किलोमीटर तक पहुंच गया है। FY26 में 3,500 किलोमीटर और जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अक्टूबर 2025 तक 99.1 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है। आर्थिक रेल गलियारे, मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति रेल परियोजना, समर्पित माल गलियारे, स्टेशन पुनर्विकास और पटरियों के उन्नयन जैसी पहलें जारी हैं। विमानन क्षेत्र में 2014 में 74 हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 2025 में 164 हो गई है। पिछले वित्त वर्ष में घरेलू हवाई अड्डों पर 412 मिलियन यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जो FY31 तक 665 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। हवाई माल ढुलाई FY15 में 2.53 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर FY25 में 3.72 मिलियन मीट्रिक टन हो गई है।

समुद्री क्षेत्र में ‘Maritime India Vision 2030’ और ‘Maritime Amrit Kaal Vision 2047’ जैसी पहलों के कारण भारतीय बंदरगाहों ने कंटेनर जहाजों के औसत टर्नअराउंड समय में वैश्विक स्तर के करीब प्रदर्शन किया है। विश्व बैंक के Container Port Performance Index 2024 में सात भारतीय बंदरगाह Top 100 में शामिल हुए हैं। नवंबर 2025 तक 32 राष्ट्रीय जलमार्ग 5,155 किलोमीटर में संचालित हो रहे हैं। सितंबर 2025 में जहाज निर्माण और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के लिए .Rs.69,725 करोड़ की मंजूरी दी गई। ऊर्जा क्षेत्र में स्थापित क्षमता नवंबर 2025 तक 11.6 प्रतिशत बढ़कर 509.74 गीगावाट हो गई है। कुल विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 49.83 प्रतिशत है। पिछले दशक में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता मार्च 2014 के 76.38 गीगावाट से बढ़कर नवंबर 2025 तक 253.96 गीगावाट हो गई है, जो तीन गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाती है।



You may also like

Leave a Comment