बिजनेस रेमेडीज/New Delhi (IANS)। India की economy लगातार दुनिया की अन्य बड़ी economies से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। देश में मजबूत economic growth के साथ-साथ capital market में भी structural changes देखने को मिल रहे हैं।
International Monetary Fund (IMF) के अनुसार, financial year 2024-25 में India की GDP growth rate 6.5 percent रही, जबकि financial year 2025-26 की पहली तिमाही में economy 7.8 percent की दर से बढ़ी।
जब कई बड़ी वैश्विक economies policy uncertainty के कारण अपनी growth rate estimates घटा रही हैं, India की economy तेजी से आगे बढ़ रही है। IMF के अनुसार, India इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी economy है, जबकि China की growth rate 4.8 percent रहने का अनुमान है।
IMF ने यह भी अनुमान लगाया है कि पूरे वर्ष के लिए India की real GDP growth rate 6.6 percent रह सकती है, भले ही United States द्वारा लंबे समय तक tariffs लगाए जाने की स्थिति बनी रहे।
इस महीने की शुरुआत में IMF ने कहा था कि 2026 में वैश्विक GDP growth में India का योगदान करीब 17 percent तक हो सकता है, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी economy बना रहेगा।
IMF की top 10 countries की सूची में United States से वैश्विक GDP growth में लगभग 9.9 percent योगदान की उम्मीद है, इसके बाद Indonesia 3.8 percent, Turkey 2.2 percent, Saudi Arabia 1.7 percent और Vietnam 1.6 percent योगदान दे सकते हैं। वहीं Nigeria और Brazil का योगदान लगभग 1.5 percent रहने का अनुमान है।
India की मजबूत economy का असर देश के capital market में हो रहे बड़े बदलावों में भी दिखाई दे रहा है।
इस बीच घरेलू mutual fund industry ने 2025 में अपने asset base में करीब 14 lakh crore रुपए की बढ़ोतरी की, जिससे November तक कुल assets under management (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड 81 lakh crore रुपए हो गया।
साल 2025 में SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जहां वार्षिक योगदान 3.34 lakh crore रुपए रहा। यह 2024 में 2.68 lakh crore रुपए और 2023 में 1.84 lakh crore रुपए था।
पहले Indian stock market पर foreign investors का ज्यादा प्रभाव होता था, लेकिन अब domestic investors की भागीदारी बढ़ने से बाजार की स्थिति बदल रही है।
हालांकि इसके बावजूद India में अभी भी केवल 15 से 20 percent families ही stock market और mutual funds में निवेश करते हैं। इसके मुकाबले United States में यह भागीदारी 50 से 60 percent तक है, जिससे पता चलता है कि India में domestic investment के विस्तार की अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं।

