नई दिल्ली (IANS)। बीते एक दशक में भारत के Technology और Industrial सेक्टर में बड़ा बदलाव हुआ है और देश एक Electronics Export hub के रूप में अपनी पहचान दुनिया में बनाने में सफल हुआ है।
Kuwait Times की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत एक समय दुनिया का सबसे बड़ा Electronics Importers में से एक था, लेकिन अब Electronics और Manufacturing hub के रूप में उभर रहा है। Article में बताया गया कि देश का Electronics Export बीते एक दशक में छह गुना बढ़कर 2025 में 128 अरब डॉलर हो गया है, जो कि 2015 में 21 अरब डॉलर था। भारत के Electronics Export में उछाल की वजह मजबूत सरकारी Support, Technology क्षमता में सुधार, Skilled Workforce और Global Investors का देश पर बढ़ता विश्वास है। इस सेक्टर में पिछले 10 वर्षों में करीब 25 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।
Production Linked Incentive (PLI) Scheme, National Electronics Policy (NEP) 2019 और Electronics Component Manufacturing Scheme (ECMS) जैसी पहलों ने बड़ी वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया है और घरेलू Innovation को प्रोत्साहित किया है। Mobile Phone ने भारत की Digital यात्रा में एक केंद्रीय भूमिका निभाई है। आज, 85 प्रतिशत से अधिक भारतीय परिवारों के पास Smartphone है।
किफायती Handset, सस्ता Internet Data और बढ़ते Digital Infrastructure ने लाखों लोगों को Digital अर्थव्यवस्था में भाग लेने का अवसर दिया है। UPI, DigiLocker और Aadhaar-सक्षम Services जैसे Platforms ने दूर-दराज के इलाकों में भी Digital पहुंच को आसान बना दिया है।
देश बीते एक दशक में Mobile Manufacturing में भी तेजी से आगे बढ़ा है। देश के Mobile Production की Value 2024-25 में बढ़कर 62 अरब डॉलर हो गई है, जो कि 2014-15 में 2 अरब डॉलर थी। वहीं, देश का Electronics Export 2024-25 में बढ़कर 37 अरब डॉलर हो गया है, जो कि 2014-15 में 4.3 अरब डॉलर था। भारत अब Mobile Production में लगभग आत्मनिर्भरता प्राप्त कर चुका है और वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में United States को शीर्ष Smartphone Exporter भी बन गया है।

