New Delhi,
एक नई Report के अनुसार, यदि भारत की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत दर से लगातार बढ़ती रहती है, तो वर्ष 2047 तक देश एक समृद्ध और उच्च आय वाला राष्ट्र बन सकता है। Report में कहा गया है कि भारत की विकास दर पहले से ही प्रभावशाली रही है और पिछले वर्षों में अर्थव्यवस्था औसतन करीब 7 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ी है। Report में अनुमान लगाया गया है कि अगर अगले 20 वर्षों तक यह वृद्धि दर बनी रहती है, तो भारत उच्च आय वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। इसके तहत प्रति व्यक्ति आय 15,000 डॉलर से अधिक हो सकती है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक स्तर पर आर्थिक रूप से मजबूत देशों की पंक्ति में खड़ा कर सकती है।
मिडिल इनकम ट्रैप से बचने की क्षमता
Report में यह भी कहा गया है कि भारत के पास “मिडिल इनकम ट्रैप” से बाहर निकलने की क्षमता है। यह वह स्थिति होती है, जिसमें कई देश एक निश्चित आय स्तर पर पहुंचकर आगे तेजी से विकास नहीं कर पाते। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसे देशों को इस चुनौती का सामना करना पड़ा है, लेकिन भारत की स्थिति इससे अलग और अधिक मजबूत मानी जा रही है। Report में भारत की जनसंख्या संरचना को सबसे बड़ा लाभ बताया गया है। भारत दुनिया की सबसे युवा बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जहां औसत आयु लगभग 28 वर्ष है। इसके मुकाबले अमेरिका में औसत आयु करीब 38 वर्ष और चीन में लगभग 41 वर्ष है। आने वाले दो दशकों में बड़ी संख्या में लोग कार्यबल में शामिल होंगे, जिससे उत्पादक श्रम की उपलब्धता बनी रहेगी और घरेलू उपभोक्ता बाजार का विस्तार होगा।
डिजिटल ढांचा और तकनीकी विकास से मिल रहा सहारा
भारत का डिजिटल ढांचा भी आर्थिक वृद्धि को मजबूती दे रहा है। डिजिटल पहचान, मोबाइल भुगतान और ई-गवर्नेंस जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। इससे कार्यक्षमता बढ़ रही है, कर अनुपालन में सुधार हो रहा है और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मिल रही है। Report में यह भी उल्लेख किया गया है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव भारत के लिए बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका, द्वारा चीन से दूरी बनाने के प्रयासों के बीच भारत एक प्रमुख विनिर्माण और निवेश केंद्र के रूप में सामने आ रहा है। बड़ी तकनीकी कंपनियां भारत में अपने संचालन का विस्तार कर रही हैं।
स्टार्टअप और उद्यमिता से मिल रही गति
भारत में मजबूत उद्यमिता संस्कृति भी आर्थिक विकास को आगे बढ़ा रही है। बढ़ते निवेश और पूंजी समर्थन के साथ फिनटेक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप तेजी से विकसित हो रहे हैं। इससे भारत वैश्विक मूल्य श्रृंखला में ऊपर उठ रहा है। Report में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कर व्यवस्था, न्यायिक प्रक्रिया और शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधार दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने में मदद करेंगे। आर्थिक इतिहास यह दर्शाता है कि मजबूत निवेश, बढ़ता श्रम बल और तकनीकी प्रगति के जरिए देश मिडिल इनकम ट्रैप से बाहर निकल सकते हैं और भारत में ये सभी कारक तेजी से मजबूत हो रहे हैं।

