नई दिल्ली, 11 जनवरी (IANS)। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री Pralhad Joshi ने रविवार को कहा कि भारत 2030 तक अक्षय ऊर्जा उत्पादन, भंडंडारण, हरित हाइड्रोजन, ग्रिड और विनिर्माण क्षेत्र में 300 अरब डॉलर (billion dollar) के निवेश का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के Abu Dhabi में अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी IRENA की 16वीं असेंबली को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्थिर नीतियों और पारदर्शी बाजारों के साथ, भारत स्वच्छ ऊर्जा निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थलों में से एक बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान करते हुए, मंत्री Joshi ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कम लागत वाले वित्त तक पहुंच, क्षमता निर्माण और मानकों के सामंजस्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह विकासशील देशों को अपनी विकास आकांक्षाओं से समझौता किए बिना अक्षय ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित है भारत का दृष्टिकोण
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत का ऊर्जा परिवर्तन केवल क्षमता बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह लोगों, अवसरों और एक साझा स्थायी भविष्य के बारे में है। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य) के सिद्धांत और इक्विटी व समावेशिता पर आधारित है।
उन्होंने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली क्षमता और 2070 तक Net Zero उत्सर्जन हासिल करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
समय से पहले हासिल किया बड़ा लक्ष्य
एक बड़ी उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए, Joshi ने बताया कि भारत ने 2025 में ही गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि Paris Agreement के तहत निर्धारित लक्ष्य (NDC) से पांच साल पहले ही हासिल कर ली गई है।
उन्होंने कहा, “भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 266 गीगावाट को पार कर गई है, जिससे देश इस क्षेत्र में वैश्विक नेताओं में शामिल हो गया है।”
प्रमुख सरकारी योजनाओं का जिक्र
ऊर्जा परिवर्तन की जन-केंद्रित प्रकृति पर जोर देते हुए मंत्री ने सरकार की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया:
• पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना: इसके तहत दो साल से भी कम समय में लगभग 25 लाख (2.5 million) परिवारों को rooftop solar से लाभ हुआ है। March 2027 तक 1 करोड़ (10 million) परिवारों को कवर करने का लक्ष्य है।
• पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना: इसके तहत diesel pump को बदलने और कृषि feeders के solarization से लगभग 21.7 लाख किसानों को लाभ हुआ है।
बुनियादी ढांचे और विनिर्माण पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत energy storage solution, grid modernization और Green Energy Corridors के विकास को प्राथमिकता दे रहा है। साथ ही, solar, wind, battery और electrolyzer में घरेलू manufacturing का विस्तार करके स्वच्छ ऊर्जा supply chain को मजबूत किया जा रहा है, जो national self-reliance में योगदान दे रहा है।
इससे पहले, मंत्री Joshi ने “ऊर्जा भविष्य की पुनर्कल्पना” विषय पर आयोजित high-level dialogue में भी भाग लिया। उन्होंने बताया कि भारत ने 2025 में लगभग 50 गीगावाट renewable energy capacity जोड़ी है।
UAE के साथ सहयोग पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात की climate change और environment minister Amna bint Abdullah Al Dahak के साथ एक bilateral meeting भी की। इस दौरान India-UAE cooperation, renewable energy, investment और food security को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने 2014 से 2024 के बीच हुए agreements के अनुरूप बढ़ती partnership की समीक्षा की।




