Sunday, June 14, 2026 |
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समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी

भारत की ब्लू इकोनॉमी विकास के पथ पर एक शक्तिशाली इंजन के रूप में उभरी: पीयूष गोयल

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | Piyush Goyal ने बुधवार को कहा कि India की ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) तेजी से विकास का एक शक्तिशाली इंजन बनकर उभर रही है। इसकी प्रमुख वजह समुद्री खाद्य उत्पादों (सीफूड) के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक बाजार में भारतीय समुद्री उत्पादों की बढ़ती मांग है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि देश के मछुआरों को अब बड़े बाजारों तक पहुंच और बढ़ते निर्यात अवसरों का लाभ मिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान India के समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

मछुआरों को नए बाजारों का मिल रहा है लाभ

Piyush Goyal ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में समुद्री खाद्य निर्यात में लगभग 145 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे मछुआरों को नए बाजारों और बढ़ते निर्यात का लाभ मिल रहा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में समुद्री खाद्य निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2013-14 से निर्यात में लगभग 145 प्रतिशत की वृद्धि के साथ India की ब्लू इकोनॉमी का विकास हुआ है।

इस बीच, वित्त वर्ष 2025-26 में India के समुद्री खाद्य उत्पादों का निर्यात मात्रा और मूल्य दोनों के लिहाज से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह उपलब्धि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में India की स्थिति को और मजबूत बनाती है।

19.72 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का किया निर्यात

Marine Products Export Development Authority (MPEDA) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान India ने 19.72 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया, जिसकी कुल कीमत 73,890 करोड़ रुपए (8.46 अरब डॉलर) रही। यह इस क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा निर्यात प्रदर्शन है।

आंकड़ों की घोषणा करते हुए MPEDA के चेयरमैन P. Jawahar ने कहा कि यह रिकॉर्ड उपलब्धि वैश्विक बाजार में मांग के उतार-चढ़ाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं जैसी कई चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई है।

फ्रोजन झींगा का बना रहा दबदबा

India के समुद्री खाद्य निर्यात में फ्रोजन झींगा का दबदबा बना रहा। कुल निर्यात आय का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा इसी उत्पाद से आया।

फ्रोजन झींगा के निर्यात से 49,038 करोड़ रुपए (5.62 अरब डॉलर) की आय हुई, जो कुल समुद्री खाद्य निर्यात से होने वाली विदेशी मुद्रा आय का 66.5 प्रतिशत है। फ्रोजन झींगा का निर्यात बढ़कर 7.93 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया।

इस उत्पाद का सबसे बड़ा खरीदार United States रहा, जबकि China और European Union दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

ब्लू इकोनॉमी का वर्षवार विकास

= ब्लू रेवोल्यूशन और विजन-2019-20: सरकार ने ‘Vision of New India 2030’ के तहत ब्लू इकोनॉमी को देश के विकास के 10 प्रमुख आयामों में शामिल किया।

= पीएमएमएसवाई-2020-21: मत्स्य पालन क्षेत्र के ब्लू रेवोल्यूशन के लिए 20,050 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड निवेश के साथ ‘Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY)’ लागू की गई।

= बंदरगाह और इन्फ्रास्ट्रक्चर-2022-23: समुद्री क्षेत्र के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए ‘Maritime India Vision 2030’ के तहत 3 से 3.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश शुरू किया गया।

= निर्यात में उछाल-2023-24: समुद्री उत्पादों के निर्यात से 60,523 करोड़ रुपए से अधिक की रिकॉर्ड आय प्राप्त हुई।

= नीतिगत मील के पत्थर-2025-26: NITI Aayog ने गहरे समुद्र और अपतटीय मछली पकड़ने के लिए एक विस्तृत ढांचा जारी किया। India का पहला ब्लू बॉन्ड पेश किया गया, जिससे समुद्री ऊर्जा (ऑफशोर विंड), डीप-सी माइनिंग और पर्यटन को वित्तीय मदद मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ। समुद्र आधारित संसाधनों, डेटा रूट केबल (डिजिटल गेटवे) और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से India की ब्लू इकोनॉमी में असीम संभावनाएं हैं।



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