Monday, June 29, 2026 |
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आयकर छूट बढ़ाने से वाहन बाजार में आएगा बूम

दोपहिया और कार कंपनियों के व्यापार को मिलेगी गति

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। वर्ष 2025-26 के प्रस्तुत बजट में आयकर की सीमा 12 लाख रुपए किए जाने से वाहन मार्केट को गति मिलने की उम्मीद है। शोरूम मालिकों के नकदी का प्रवाह बढऩे से दोपहिया और चौपहिया वाहन ज्यादा बिकने की उम्मीद है। आयकर की सीमा बढ़ाने से देशभर में करीब एक करोड़ लोग आयकर देनदारी की सीमा से बाहर हो जाएंगे। नकदी का प्रवाह बढऩे से वाहन मार्केट के गुलजार होने की संभावना है। नकदी का प्रवाह बढऩे से एक नया समूह वाहन खरीदने के लिए प्रेरित होगा। हाल में सरकार ने रेपो रेट में कटौती की है। इससे ब्याज दरों में कटौती होगी। इससे भी बाजार में रुपयों का प्रवाह बढऩे की उम्मीद है।
विदेशी ब्रांड्स भी आमजन के दायरे में:प्रीमियम कारों और बाइक्स के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) में राहत से हार्ली डेविडसन और सुजूकी हायाबुसा जैसे ब्रांडों की मोटरसाइकलों की बिक्री बढ़ सकती है। प्रीमियम मोटरसाइकलों पर शुल्क घटाने के कदम को डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन को खुश करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कर में राहत से सैकंड हैंड कारों की बिक्री भी बढ़ेगी। छोटी कार बनाने वाली मारुति सुजूकी जैसी कंपनियों की शुरुआती स्तर की कारों की मांग फिर से बढ़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर 5 फीसदी अतिरिक्त लोग भी नया वाहन खरीदते हैं तो इससे इस क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है।
छोटी कारों की बिक्री में आई थी गिरावट: चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी के दौरान देश की दिग्गज कार निर्माता कंपनी मारुति सुजूकी की छोटी (हैचबैक) और कॉम्पैक्ट सेगमेंट की कारों की बिक्री में 8 फीसदी की गिरावट आई है। हाल के वर्षों में हैचबैक और कॅम्पैक्ट कारों की बिक्री लगातार घट रही है। जानकारी के अनुसार, ‘2021 तक कुल कारों की बिक्री में हैचबैक और कॉम्पैक्ट कारों की हिस्सेदारी 45-46 फीसदी रहती थी। मगर अब यह घटकर 23 फीसदी रह गया है। देश में सालाना 40 लाख कारें बिकती हैं। ऐसा लोगों की बढ़ती आकांक्षा के कारण हुआ है।

हालांकि एक अन्य वर्ग का मानना है कि कर पहल का छोटी कारों की बिक्री पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। जैटो डायनमिक्स के अध्यक्ष और निदेशक रवि भाटिया ने कहा कि भारत के यात्री कार बाजार में 5 लाख रुपये तक कारों की हिस्सेदारी 1 फीसदी से भी कम है जबकि 5 से 9.9 लाख रुपये मूल्य वाली कार सेगमेंट की हिस्सेदारी 51 फीसदी है। उन्होंने कहा, ‘अब ज्यादा बिक्री 5 लाख रुपये से कम की नहीं बल्कि 9.9 लाख रुपये से कम की कार की हो रही है। प्रति माह 8,000 रुपये या सालाना 1 लाख रुपये की अनुमानित बचत को देखें तो क्या खरीदार सारा पैसा कम फीचर वाली नई कार खरीदने में ही लगा देंगे या बेहतर फीचर वाली पुरानी कार खरीदना पसंद करेंगे। यह बड़ा सवाल है।’

1600 सीसी इंजन की बाइक्स से सीमा शुल्क घटाया: प्रस्तुत बजट में विदेशी बाइक्स की खरीद के लिए राह को और आसान किया गया है। अब विदेशी बाइक्स पर लगने वाले सीमा शुल्क में और कटौती की गई है। पहले से 50 फीसदी लगता था। अब इसे घटाकर 40 फीसदी कर दिया गया है। यह घटत 1600 सीसी इंजन वाली बाइक्स पर लागू की गई है। सरकार के इस कदम से हार्ली डेविडसन और सुजूकी हायबुसा जैसी कंपनियों को लाभ मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि शुल्क कटौती से प्रीमियम मोटरसाइकिलों की बिक्री ज्यादा बढऩे की उम्मीद नहीं है क्योंकि इसमें स्थानीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं है और इस कदम को ट्रंप की शुल्क व्यवस्था को एक तरह से तुष्ट करने के संकेत के रूप में देखा जा सकता है।

इनकम टैक्स की सीमा बढऩे और हाल में रेपो रेट में कटौती से आम आदमी की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी। ब्याज दरों में जो कटौती होने वाली है, उससे आम आदमी में नई गाड़ी खरीदने का कॉफिडेंस आएगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में वाहन मार्केट में बूम आएगा। साथ ही आम आदमी नया वाहन खरीदने के लिए प्रेरित होगा।
शार्विक शाह, डायरेक्टर, राजेश मोटर्स, जयपुर और चेयरपर्सन, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, राजस्थान

 

ग्राहक के पास डिस्पोजेबल इनकम बचेगी। बजट में एक तो सरकार ने इनकम टैक्स की सीमा बढ़ा दी है। साथ दूसरा रेपो रेट में कटौती की है। रेपो रेट में पांच साल बाद कटौती हुई है। इससे आम आदमी के लोन कम हो जाएंगे। इससे आमजन के पास पैसा बचेगा। जब आम आदमी के पास पैसा बचता है तो वह मकान या गाड़ी खरीदने में खर्च करता है। वर्तमान में गाड़ी खरीदना आम आदमी की पहली प्राथमिकता है। इनकम टैक्स की सीमा बढऩे से दोपहिया-चौपहिया वाहन बाजार में बूम आने की उम्मीद है।
– साईं गिरधर, सचिव, फैडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन

 

यह सरकार का एक वेलकम मूव है। इनकम टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी से आमजन की खरीद क्षमता बढ़ेगी। साथ ही रेपो रेट में कटौती से ब्याज दरों में कमी आएगी। इससे आमजन के पास नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। इन दोनों को मिलाकर देखें तो यह पॉजीटिव संकेत हैं। 5 से 20 लाख तक की गाडिय़ों का जो बाजार है, उसमें 100 प्रतिशत उछाल आने की संभावना है। आजकल गाड़ी हर व्यक्ति की जरूरत हो गई है। हर व्यक्ति गाड़ी खरीदना चाहता है। इस वर्ष 8 से 10 प्रतिशत बाजार में ग्रोथ आने की उम्मीद है।
– अमरीश सांघी, एमडी, सांघी फोर व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर

 

डिस्पोजेबल इनकम बढऩे से सभी व्यवससाय पर इसका असर आएगा। इनकम बढऩे पर लोग या तो गाड़ी और घर पर इनवेस्ट करेंगे। इनकम बढऩे से ट्यूरिस्ट बाजार पर भी इसका असर आ सकता है। नकदी का प्रवाह बढऩे से लोग घूमने भी जा सकते हैं। इन सभी से दूसरे व्यवसायों पर भी असर पड़ेगा। बीते एक साल से बाजार में 8 से 10 प्रतिशत की ग्रोथ है। इनकम टैक्स स्लैब बढऩे व रेपो रेट में कटौती से यह 10 से 15 प्रतिशत तक रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यह वाहन मार्केट के लिए अच्छे संकेत हैं।
– करन गहलोत, डायरेक्टर, केएस मोटर्स, जयपुर



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