Saturday, July 25, 2026 |
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सोने पर बढ़ी Import Duty से तस्करी बढ़ने का खतरा, उद्योग ने सरकार से की चर्चा की मांग

by Business Remedies
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नई दिल्ली: देश में सोने पर Import Duty बढ़ाए जाने के बाद रत्न एवं आभूषण उद्योग ने सरकार से दोबारा विचार करने और उद्योग संगठनों के साथ चर्चा करने की मांग की है। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने कहा है कि सोने पर अधिक Duty लगाने से आयात कम नहीं होता, बल्कि कीमतों में बढ़ोतरी होती है और तस्करी को बढ़ावा मिलता है। काउंसिल के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है, लेकिन मांग में उसी अनुपात में कमी नहीं आई। ऐसे में Import Duty बढ़ाने का फैसला घरेलू उद्योग के लिए नई परेशानियां खड़ी कर सकता है।

सरकार ने सोने पर Basic Customs Duty को 5प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। वहीं Agriculture Infrastructure And Development Cess को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5प्रतिशत किया गया है। उद्योग का कहना है कि इस फैसले से निर्यातकों की लागत में बड़ा इजाफा होगा और कारोबार चलाने के लिए अधिक कार्यशील पूंजी की आवश्यकता पड़ेगी। काउंसिल ने बताया कि अब Duty-Free सोना लेने वाले निर्यातकों को नामित एजेंसियों के पास प्रति किलोग्राम लगभग ₹.28 लाख से ₹.30 लाख तक की बैंक गारंटी देनी होगी। इससे कारोबार की बड़ी रकम फंस जाएगी और नकदी संकट और गहरा सकता है। उद्योग संगठन के मुताबिक, इसका सबसे अधिक असर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर पड़ेगा। काउंसिल की सदस्यता में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सेदारी ऐसे उद्योगों की है, जो पहले से ही वित्तीय दबाव और नकदी की कमी से जूझ रहे हैं। काउंसिल ने चेतावनी दी कि सोने पर अधिक Import Duty लगाने से अवैध तस्करी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही घरेलू आभूषण उद्योग के लिए निर्यात करना महंगा हो जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

उद्योग संगठन ने कहा कि सरकार की बढ़ते आयात को लेकर चिंता सही है, लेकिन समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे उद्योग को नुकसान न पहुंचे। इस संबंध में काउंसिल ने बड़े खुदरा विक्रेताओं और निर्माताओं के साथ बैठकें की हैं तथा प्रधानमंत्री Narendra Modi को भी सुझाव भेजे हैं। काउंसिल ने सुझाव दिया है कि 18 कैरेट और 14 कैरेट आभूषणों को बढ़ावा दिया जाए। इससे सोने के आयात में 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। इसके अलावा पुराने सोने के Exchange कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने और Gold Monetisation Scheme को फिर से मजबूत बनाने की भी सिफारिश की गई है।

उद्योग संगठन का कहना है कि भारत के घरों में अनुमानित 25,000 टन सोना मौजूद है। यदि Gold Monetisation Scheme को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए तो घरेलू सोने का उपयोग बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। काउंसिल जल्द ही Gold Monetisation Scheme को पुनर्जीवित करने के लिए विस्तृत प्रस्ताव सरकार को सौंपेगी। साथ ही नीति निर्माताओं से उद्योग के साथ मिलकर ऐसा स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है जिससे सरकारी राजस्व और निर्यात वृद्धि के बीच संतुलन बना रहे।



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