बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर IIHMR University ने आर्थिक विकास संस्थान के सहयोग से ‘हीट-हेल्थ फोरम’ (एचएचएफ) के तहत एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक का आयोजन किया।
इस बैठक में सरकारी अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और नीति निर्माता एकत्र हुए, जहाँ गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा हुई। बैठक का मुख्य फोकस गर्मी से सुरक्षा के उपाय, शमन की नीतियाँ और जनस्वास्थ्य तंत्र की लचीलापन क्षमता बढ़ाने पर रहा।
बैठक में मुख्य अतिथि ऋषभ हेमानी, मुख्य वित्तीय अधिकारी, एआई और जल, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य (वाश) विशेषज्ञ, जलवायु एवं पर्यावरण एवं आपातकालीन केंद्र बिंदु, यूनिसेफ राजस्थान कार्यालय उपस्थित थे। IIHMR University के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने परामर्श बैठक की अध्यक्षता की। गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए, IIHMR University के प्रेसिडेंट डॉ. पीआर सोडानी ने कहा, कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ता तापमान अब दूर की चिंताएँ नहीं रह गई हैं; ये तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियाँ हैं। हीट-हेल्थ फ़ोरम के माध्यम से, हमारा उद्देश्य नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि साक्ष्य-आधारित रणनीतियाँ विकसित की जा सकें जो समुदायों को गर्मी से संबंधित बीमारियों के बढ़ते जोखिमों से बचा सकें। यह परामर्श भविष्य के लिए एक लचीली और अनुकूल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक कदम है। इस दिन ‘हीट-हेल्थ जोखिमों की शारीरिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समझ’ और ‘जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों की योजना, तैयारी और कार्यान्वयन’ पर दो व्यावहारिक तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। यह परामर्श विचारों के खुले आदान-प्रदान और पेशेवर संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक आकर्षक मंच के रूप में उभरा।

