बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। भारत का डिफेंस सेक्टर वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहा है और देश की डिफेंस कंपनियों की आय वित्त वर्ष 26 में 15-17 प्रतिशत बढ़ेगी। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। इक्रा के एनालिसिस में कहा गया कि आय में अच्छी बढ़त की वजह ऑर्डर्स का मजबूत एग्जीक्यूशन होना है। वित्त वर्ष 25 के अंत में डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर बुक/ऑपरेटिंग इनकम (ओबी/ ओआई) रेश्यो 4.4 गुना था। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और निर्यात का विस्तार करने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ को अपने मूल में रखते हुए कई नीतिगत पहलों को लागू किया है। इनमें डिफेंस सेक्टर में एफडीआई नीतियों का उदारीकरण, डिफेंस ऑफसेट नीति को जारी रखना, दो डिफेंस इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर की स्थापना और पांच ‘सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियों’ की अधिसूचना और ऑनलाइन स्वदेशीकरण पोर्टल ‘सृजन’ के माध्यम से स्वदेशीकरण की दिशा में निरंतर प्रयास शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “इसके अलावा सरकार ने पूंजीगत परिव्यय पर जोर देते हुए इस क्षेत्र के लिए बजट में भी वृद्धि की है, जो पिछले पांच वर्षों में 8.29 प्रतिशत की सीएजीआर से बढक़र वित्त वर्ष 2026 के बजट अनुमान (बीई) में 1.92 लाख करोड़ रुपए हो गया है।” रिपोर्ट में बताया गया, “सरकार की पहलों के कारण घरेलू विक्रेताओं से डिफेंस खरीद पर व्यय वित्त वर्ष 17 में 61 प्रतिशत से बढक़र वित्त वर्ष 25 में लगभग 75 प्रतिशत हो गया है, जबकि निर्यात 15 गुना से अधिक और 41 प्रतिशत की मजबूत सीएजीआर के साथ वित्त वर्ष 2017-वित्त वर्ष 2025 की अवधि के दौरान 23,622 करोड़ रुपए हो गया है।” इक्रा के कॉर्पोरेट रेटिंग्स के उपाध्यक्ष और सह-समूह प्रमुख सुप्रियो बनर्जी ने कहा, “वित्त वर्ष 2026 के लिए भारित औसत परिचालन मार्जिन 25-27 प्रतिशत पर मजबूत रहने की उम्मीद है।”



