बिजऩेस रेेमेडीज/मुंबई विश्व योग दिवस 2025 के अवसर पर, भारत की प्रमुख प्राइवेट नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI Lombard General Insurance ने अपनी नई रिसर्च रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत में बदलती सेहत और योग की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में बढ़ती भूमिका पर फोकस किया गया है। इस देशव्यापी अध्ययन में मेट्रो और छोटे शहरों में स्वास्थ्य से जुड़ी आदतों, प्रेरणाओं और जागरूकता स्तर को गहराई समझने की कोशिश की गई है। यह दिखाता है कि भारतीय कैसे सेहत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना रहे हैं।
अध्ययन से पता चलता है कि पिछले 5 सालों में 72 फीसदी लोगों ने अपनी जीवनशैली में अच्छे बदलाव किए हैं, और इन बदलावों में युवा (मिलेनियल्स) सबसे आगे हैं। ये बदलाव सिर्फ फिटनेस तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि ये निजी स्वास्थ्य लक्ष्यों, परिवार के प्रभाव और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तक बढ़ती पहुंच के कारण हुए हैं।
योग को अपनाने का बढ़ता ट्रेंड भारत की सेहत की कहानी में एक जागरूक बदलाव को दर्शाता है। 90 फीसदी लोगों ने या तो पहले से ही योग करना शुरू कर दिया है या इसे अपनाने पर विचार कर रहे हैं। योग को अपनाने का यह चलन हर उम्र और देश के हर हिस्से में फैल रहा है। इससे पता चलता है कि यह पुरानी प्रथा आज की आधुनिक जिंदगी में फिर से कितनी जरूरी हो गई है, खासकर उन लोगों के बीच जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस है।
शीना कपूर – हेड मार्केटिंग, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस एंड सीएसआर, ICICI Lombard का कहना है कि आजकल सेहत सिर्फ शरीर को फिट रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक स्थिरता और आंतरिक संतुलन का निर्माण करने के बारे में है। जब तनाव और थकावट नई महामारी बन रहे हैं, योग केवल वापसी नहीं कर रहा है, बल्कि यह रोजमर्रा की जरूरत बन गया है। योग, भारत का वैश्विक स्वास्थ्य में सदियों पुराना योगदान है, जो जीवन को बेहतर और संतुलित तरीके से जीने का एक शक्तिशाली और संपूर्ण मार्ग प्रदान करता है। हमारी नई रिपोर्ट दिखाती है कि 74 फीसदी मिलेनियल्स अब नियमित रूप से योग करते हैं, जो यह दर्शाता है कि आज की मध्यम आयु वर्ग की पीढ़ी न सिर्फ लंबी उम्र में बल्कि स्वस्थ तरीके से बढ़ती उम्र में निवेश कर रही है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का मानना है कि बीमारियों से बचाव के लिए अपनाई जाने वाली सेहत की आदतें एक स्वस्थ और अधिक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में मदद करती हैं।
2025 की स्टडी की प्रमुख बातें :
योग का मुख्यधारा में स्वीकार किया जाना।
योग अब एक खास प्रचलन से मुख्यधारा में आ गया है। 72 फीसदी लोग नियमित रूप से योग करते हैं और 18 प्रतिशत कभी-कभी योग करते हैं।
मिलेनियल्स योग में सबसे ज्यादा नियमित हैं (74 प्रतिशत), उसके बाद जनरेशन एक्स (70 प्रतिशत) का नंबर आता है।
सिर्फ 3 फीसदी लोगों ने योग को नकारा है, जो दिखाता है कि लगभग सभी लोग इस प्राचीन अभ्यास के लिए तैयार हैं।
ऑनलाइन योग का चलन बढ़ रहा है, 45 फीसदी लोग अभी भी स्टूडियो क्लास पसंद करते हैं, जबकि 28 फीसदी लाइवस्ट्रीम्स और 13 फीसदी ऐप या प्री-रिकॉर्डेड वीडियो का उपयोग करते हैं।
सेहत की आदतें : योग के अलावा : योग के अलावा, रोजाना टहलना (69 प्रतिशत), संतुलित आहार (68 प्रतिशत), और योग खुद (67 प्रतिशत) सेहत सुधारने के लिए अपनाई जाने वाली टॉप 3 आदतें हैं।

