Monday, June 29, 2026 |
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HDFC Bank ने ₹.45 करोड़ भुगतान अनियमितता के आरोपों को किया खारिज, मजबूत निगरानी व्यवस्था का दावा

by Business Remedies
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HDFC Bank Rejects Rs 45 Crore Payment Irregularities Allegations In India

मुंबई में निजी क्षेत्र के बड़े बैंक HDFC Bank ने ₹.45 करोड़ की कथित भुगतान अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनिंदा दस्तावेजों के आधार पर किसी भी तरह की गलत गतिविधि मान लेना पूरी तरह अनुचित है। बैंक ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों को तय आंतरिक प्रक्रियाओं और स्थापित नियमों के तहत ही संभाला जाता है।

बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संस्था के भीतर मजबूत निगरानी, ऑडिट और नियंत्रण प्रणाली पहले से लागू है। बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है और सभी मामलों की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जाती है। यह बयान उस रिपोर्ट के बाद सामने आया जिसमें दावा किया गया था कि बैंक के ऑडिट कमेटी बोर्ड ने वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2025 के दौरान महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को किए गए ₹.45 करोड़ के भुगतान की आंतरिक सतर्कता जांच के आदेश दिए हैं।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि यह भुगतान निगम द्वारा बैंक में रखी गई जमा राशि पर अतिरिक्त ब्याज से जुड़ा हुआ था। दावा यह भी किया गया कि ब्याज भुगतान सीधे सरकारी एजेंसी को देने के बजाय राशि को बैंक के मार्केटिंग विभाग के माध्यम से भेजा गया और इसे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के लिए स्थानीय विक्रेताओं को दिए गए योगदान के रूप में दिखाया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस व्यवस्था पर बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर चर्चा हुई थी, जिसमें बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन भी मौजूद थे।

इसके अलावा रिपोर्ट में बैंक के पूर्व गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के 18 मार्च को दिए गए इस्तीफे को भी इस मामले से जोड़ा गया। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में मूल्यों और नैतिकता से जुड़े मतभेदों का हवाला दिया था। हालांकि बैंक प्रबंधन ने कहा था कि बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें किसी विशेष चिंता की जानकारी नहीं दी गई थी। अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा था कि बैंक की संचालन व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह स्थिर बना हुआ है।

इससे पहले मार्च महीने में Reserve Bank of India ने भी कहा था कि HDFC Bank के प्रशासन या कार्यप्रणाली को लेकर कोई गंभीर चिंता सामने नहीं आई है। इन घटनाक्रमों का असर निवेशकों की भावना पर भी देखने को मिला। Stock Market Update के दौरान एनएसई में बैंक के शेयरों में लगभग 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब 2:11 बजे बैंक का शेयर ₹.18.75 टूटकर ₹.760.15 पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं Nifty और Sensex पर भी बैंकिंग शेयरों का दबाव देखने को मिला।



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