नईदिल्ली, 15दिसंबर 2025: भारतीयउर्वरकसंघ (एफएआई)के इकसठवे वार्षिक सेमिनार 2025 का कल एरोसिटी, नई दिल्ली में हुआ समापन। तीन दिन तक चले इस सेमिनार में भारत के अगले चरण की हरी उर्वरक नीति, जलवायु अनुकूल कृषि और किसान केंद्रित पोषक तत्व प्रबंधन पर चर्चा हुई। इसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, उद्योग जगत के नेता, वैज्ञानिक, इनोवेशन विशेषज्ञ और किसान प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने मिलकर देश के पोषण भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया।
समापन दिवस पर बोलते हुए एफएआई के अध्यक्ष और कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्रीएसशंकरसुब्रमण्यन नें कहा – “ग्रीनफ्यूचरकीशुरुआत,उर्वरककेसहीऔरसुरक्षितउपयोगसेहोतीहै।उर्वरकउद्योगघरेलूक्षमताकोमजबूतकरने,संतुलितऔरसटीकपोषकतत्वउपयोगकोबढ़ानेऔरकिसानोंकोआधुनिकतकनीकसमयपरउपलब्धकरानेकेलिएकामकररहाहै।आनेवालेसमयमेंएफएआईउद्योगजगतकीएकमजबूतऔरएकजुटआवाजबनीरहेगीऔरमहत्वपूर्णनीतिगतसुधारोंकोआगेबढ़ातेहुएकिसानोंकेसाथमिलकरसस्टेनेबिलफार्मिंगकोप्रोत्साहितकरेगी।हमनैनोउर्वरकोंसहितनईतकनीकोंकेविकासऔरजिम्मेदारमार्केटिंगपरभीध्यानदेरहेहैंताकिउनकेलाभकिसानोंतकसाफऔरप्रभावीरूपसेपहुंचसकें।”
इसके साथ ही, सत्र में अपनी बात रखते हुए,चीफ गेस्टआईक्रिसैट, हैदराबाद के महानिदेशक,डॉ.हिमांशुपाठकने कहा कि “यहसेमिनारसततपोषकतत्वप्रबंधनपरसार्थकसंवादबढ़ानेऔरऐसेइनोवेशनकोआगेलानेमेंमहत्वपूर्णरहाहैजोसीधेकिसानोंतकलाभपहुंचातेहैंऔरउनकेहितकीबातकरतेहैं।”
एफएआई केमहानिदेशक, डॉ.सुरेशकुमारचौधरीने स्वागत वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि सेमिनार की कार्यवाही चार तकनीकी सत्रों में आयोजित की गई। उद्घाटन सत्र में उर्वरक विभाग के सचिव, श्रीराजतकुमारमिश्रा,रसायन और उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकारद्वारा उठाई गई चिंताओं का उल्लेख किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे सत्र में कृषि पर केंद्रित चर्चाओं के दौरान कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव श्रीदेवेशचतुर्वेदी ने महत्वपूर्ण बिंदु रखे।
डॉ.सिबाप्रसादमोहंती, एमडी, HURL ने सेमिनार का समापन करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया और उर्वरक क्षेत्र में सतत, किसान-केंद्रित समाधान को आगे बढ़ाने में हुई साझा चर्चाओं और योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में चार मुख्य सत्र शामिल थे। पहले सत्र में‘हरी उर्वरक नीतियों पर चर्चा हुई।’ इसकी अध्यक्षता उर्वरक विभाग की अपर सचिव श्रीमतीअनीतासी.मेश्रेम ने की। दूसरे सत्र ‘किसान सशक्तिकरण को मद्देनज़र रखते हुए पोषक तत्वों के सही प्रबंधन’ पर आधारित था। इसकी अध्यक्षता कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव श्रीदेवेशचतुर्वेदीने की। तीसरे सत्र में ‘हरे उर्वरक उत्पादन के समाधान’पेश किए गए, जिसकी अध्यक्षता इफको (IFFCO) के एमडीश्रीके.जे.पटेल ने की। चौथते सत्र में उर्वरकों की मार्केटिंग पर चर्चा हुई। इस सत्र की अध्यक्षता एफएआई के सह अध्यक्ष डॉ.सिबाप्रसादमोहंतीने की।
इन सत्रों में विशेषज्ञों ने भारत के बदलते उर्वरक परिदृश्य और वैश्विक स्तर पर बढ़ते सस्टेनेबिलिटी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने यूरिया क्षेत्र में सुधार की ज़रूरत और देश की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए स्वदेशी पी और के उत्पादन (P&K Production) को बढ़ावा देने के रणनीतिक महत्व को दोहराया। साथ ही उन्होंने ग्रीन फर्टिलाइजर से जुड़ी नीतियों में वैश्विक बदलावों की दिशा भी साझा की।




