Friday, August 14, 2026 |
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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.17 बिलियन डॉलर बढक़र 696.66 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंचा

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/मुंबई (आईएएनएस)। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 5.17 बिलियन डॉलर बढक़र 696.66 बिलियन डॉलर हो गया है। आरबीआई द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए डेटा में यह जानकारी दी गई। सप्ताह के दौरान तीव्र वृद्धि ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को 704.885 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक उच्च स्तर के करीब पहुंचा दिया है, जो सितंबर 2024 के अंत में देश ने हासिल किया था। देश के विदेशी मुद्रा भंडार के मजबूत होने से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए को भी मजबूती मिली है। 6 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक, विदेशी मुद्रा आस्तियों की वैल्यू 3.47 बिलियन डॉलर बढक़र 587.69 बिलियन डॉलर हो गई है। डॉलर के संदर्भ में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों की मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल होता है। सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार का अहम घटक गोल्ड रिसर्व 1.6 मिलियन डॉलर बढक़र 85.89 बिलियन डॉलर हो गया। भू-राजनीतिक तनावों से पैदा हुई अनिश्चितता के बीच दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोना जमा कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2021 से विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी को बढ़ाकर लगभग दोगुना कर दिया है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि विदेशी मुद्रा कोष में विशेष आहरण अधिकार का मूल्य 102 मिलियन डॉलर बढक़र 18.67 बिलियन डॉलर हो गया। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति भी 6 जून को समाप्त सप्ताह में 14 मिलियन डॉलर बढक़र 4.4 बिलियन डॉलर हो गई।आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 30 मई को समाप्त हुए सप्ताह में 691.5 बिलियन डॉलर था और यह 11 महीने से अधिक के माल आयात और लगभग 96 प्रतिशत बाहरी लोन को फंड करने के लिए पर्याप्त है। आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि भारत का एक्सटर्नल सेक्टर मजबूत बना हुआ है, क्योंकि एक्सटर्नल सेक्टर के प्रमुख संकेतकों में सुधार जारी है। हमें अपनी एक्सटर्नल फंडिंग आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसा है।



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