Monday, June 29, 2026 |
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भक्ति और शक्ति स्वरूपा का पर्व आज से, जगह-जगह होंगे शुभ काम

by Business Remedies
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punit jain

आज से नौ दिन तक अश्विन माह के नवरात्र शुरू हो रहे हैं। यह हिंदुओं का सबसे प्रमुख त्योहार है। साल में नवरात्रि चार बार आती है-चैत्र, आषाढ़, अश्विन और माघ के महीनों में। पर मुख्य रूप से चैत्र और अश्विन महीने की नवरात्रि लोकप्रिय है। इनमें से माघ और आषाढ़ में आने वाले नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। वैसे तो नवरात्र एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है नौ रातों का समय। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति/ देवी की पूजा की जाती है। अश्विन मास में शारदीय नवरात्र का समापन दशहरा को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के रूप में होता है। नवरात्र भारत के विभिन्न भागों में अलग ढंग से मनाया जाता है। गुजरात में इस त्योहार को बड़े पैमाने से मनाया जाता है। यहां नवरात्र समारोह डांडिया और गरबा खेल कर मनाया जाता है। यह पूरी रात भर चलता है। देवी के सम्मान में भक्ति प्रदर्शन के रूप में गरबा किया जाता है। पश्चिम बंगाल के राज्य में बंगालियों के मुख्य त्यौहारों में दुर्गा पूजा सबसे प्रमुख है। वहीं नवरात्र उत्सव देवी अंबा (विद्युत) का प्रतिनिधित्व भी है। वसंत की शुरुआत और शरद ऋतु की शुरुआत, जलवायु और सूरज के प्रभावों का महत्वपूर्ण संगम माना जाता है। ये दो समय में मां दुर्गा की पूजा के लिए पवित्र अवसर माना जाता है। नवरात्र पर्व मां-दुर्गा की अवधारणा भक्ति और परमात्मा की शक्ति की पूजा का सबसे शुभ समय माना जाता है। यह पूजा वैदिक युग से पहले, प्रागैतिहासिक काल से चला आ रहा है। ऋषि के वैदिक युग के बाद से नवरात्र के दौरान की भक्ति प्रथाओं में से मुख्य रूप गायत्री साधना का है। इसके अलावा चौमासे में जो कार्य स्थगित किए गए होते हैं,उनके आरंभ के लिए साधन इसी दिन से जुटाए जाते हैं। क्षत्रियों का यह बहुत बड़ा पर्व है। इस दिन ब्राह्मण सरस्वती-पूजन तथा क्षत्रिय शस्त्र-पूजन आरंभ करते हैं। नवरात्र आत्मनिरीक्षण और शुद्धि का समय है और पारंपरिक रूप से नए उद्यम शुरू करने के लिए एक शुभ और धार्मिक समय है



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