मार्च 2026 के बाद 2240 करोड़ रुपए के नए ऑर्डर, FY27 में 30-35% revenue growth की उम्मीद
मार्च 2026 से लगातार ऑर्डर आने के कारण ऑर्डरबुक में 2240 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है और दो साल के लिए निष्पादन की स्पष्ट संभावना है। वर्तमान ऑर्डर बुक 4600 करोड़ रुपए से अधिक की है, जिसमें वाटर और वेस्ट वाटर उपचार सेगमेंट में निष्पादन ऑर्डरबुक 2500 करोड़ रुपए से अधिक की, नवीकरणीय ऊर्जा सेगमेंट में ऑर्डर बुक 1000 करोड़ रुपए से अधिक की और संचालन एवं रखरखाव ऑर्डर बुक 1100 करोड़ रुपए से अधिक की है।
मजबूत ऑर्डर बुक अगले 15-24 महीनों में राजस्व की स्पष्टता को सुनिश्चित करती है।
कंपनी को वित्त वर्ष 2027 में राजस्व में लगभग 30-35 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।
जल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में विविध पोर्टफोलियो विकास को गति प्रदान करता है।
बीईएसएस में प्रवेश मजबूत मुख्य व्यवसायिक उपलब्धियों के साथ रणनीतिक विविधीकरण को दर्शाता है।
कंपनी की बिहार, महाराष्ट्र, असम, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में भौगोलिक विस्तार के साथ पूरे भारत में मजबूत उपस्थिति दर्ज।
नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज
एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड वाटर और वेस्ट वाटर उपचार में अग्रणी ईपीसी कंपनी है। कंपनी ने मार्च 2026 से मजबूत ऑर्डर प्रवाह दर्ज किया है, जिससे इसके ऑर्डर बुक में उल्लेखनीय मजबूती आई है और मध्यम अवधि के लिए राजस्व की स्पष्ट संभावना बनी है।
कारोबारी गतिविधियां
कंपनी वाटर एवं वेस्ट वाटर उपचार संयंत्रों (डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी) और जल आपूर्ति योजना परियोजनाओं (डब्ल्यूएसएसपी) के क्षेत्र में अग्रणी ईपीसी कंपनियों में से एक है, जो सरकारी प्राधिकरणों/निकायों के लिए 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती है। डब्ल्यूडब्ल्यूटीपी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), सीवरेज योजनाएं (एसएस), कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) और जेडएलडी प्लांट शामिल हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश किया। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में परिचालन के पहले वर्ष के भीतर ही इसने ईआईई रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी की स्थापना की। यह आईपीपी और सी एंड आई के तहत 79 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र विकसित कर रही है। हाल ही में प्राप्त बीएसईएस परियोजना, जिसमें 930 मेगावाट बीएसईएस का ईपीसी शामिल है, जल एवं अपशिष्ट जल उपचार क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी को बड़ा बढ़ावा देगी।
कंपनी के पास डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण के लिए एक आंतरिक टीम है, जो कंपनी को अपने व्यवसाय के सभी पहलुओं में आत्मनिर्भर बनाती है। हमारे पास इंजीनियरों की एक टीम है, जिन्हें थर्ड पार्टी के सलाहकारों और उद्योग विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त है, ताकि उद्योग और सरकारी एजेंसियों एवं विभागों द्वारा निर्धारित अनुपालन और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित किया जा सके। कंपनी के पास सिविल निर्माण कार्यों के लिए अपनी टीम भी है, जिससे थर्ड पार्टी पर निर्भरता कम हो जाती है। कंपनी की सेवाओं के दायरे में आमतौर पर परियोजनाओं का डिजाइन और इंजीनियरिंग, कच्चे माल की खरीद, साइट पर निष्पादन और परियोजनाओं के चालू होने तक समग्र परियोजना प्रबंधन शामिल है। चालू होने के बाद, इन संयंत्रों का एक निश्चित अवधि के लिए संचालन और रखरखाव, जो आमतौर पर 5 से 15 वर्ष तक होता है, अनुबंध का हिस्सा है। कंपनी के पास समर्पित इंजीनियरों और कर्मचारियों की एक टीम है जो पूर्ण परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव पर केंद्रित है।
कारोबारी विस्तार
कंपनी ने मार्च 2026 से अपने वाटर, वेस्ट वाटर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में कुल मिलाकर 2,240 करोड़ रुपए से अधिक के नए ऑर्डर प्राप्त किए हैं, जिनमें से 1,170 करोड़ रुपए से अधिक वाटर और वेस्ट वाटर क्षेत्र से और 1,070 करोड़ रुपए से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से हैं।
कंपनी प्रबंधन के अनुसार इन परियोजनाओं के अगले 15-24 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है, जिससे राजस्व की स्पष्टता बनी रहेगी और कंपनी की विकास गति को समर्थन मिलेगा। हाल के प्रमुख घटनाक्रमों में कंपनी का बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) क्षेत्र में प्रवेश शामिल है, जिसके तहत एनटीपीसी द्वारा 1,070 करोड़ रुपए की लागत से चार परियोजनाएं प्रदान की गई हैं। कुल 930 मेगावाट घंटे की क्षमता वाली ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश, असम, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में कार्यान्वित की जा रही हैं, जो नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में एक रणनीतिक विस्तार का प्रतिनिधित्व करती हैं। जल उपचार क्षेत्र में, कंपनी ने बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीआईईसी) से औरंगाबाद, बिहार में 411 करोड़ रुपए की एक परियोजना और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत पुणे और नासिक, महाराष्ट्र में लगभग 972 करोड़ रुपए की दो परियोजनाएं प्राप्त की हैं। ये परियोजनाएं कोर जल और स्वच्छता अवसंरचना में कंपनी की उपस्थिति को और मजबूत करती है।
बीईएसएस का इंडस्ट्री डायनामिक्स
कंपनी का बीईएसएस क्षेत्र में प्रवेश भारत के तेजी से बढ़ते ऊर्जा भंडारण बाजार के अनुरूप है और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की जरूरतों, बैटरी की गिरती लागत और नीतिगत समर्थन से प्रेरित है। भारत ने अपनी आवश्यक बैटरी भंडारण क्षमता का 1 फीसदी से भी कम निर्माण किया है, जिससे 208 गीगावाट घंटे का भारी अंतर रह गया है और यह इस दशक के सबसे बड़े स्वच्छ ऊर्जा अवसरों में से एक को खोलता है। चूंकि बीईएसएस ग्रिड स्थिरता और चरम मांग प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है, इसलिए यह भविष्य के विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर का एक मुख्य स्तंभ बनकर उभर रहा है। बिहार, असम और तेलंगाना में विस्तार के साथ ये परियोजनाएं कंपनी की भौगोलिक उपस्थिति को और मजबूत करती हैं।
वित्तीय प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025 में कंपनी ने 1066.1 करोड़ रुपए का राजस्व और 177.1 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इसी प्रकार कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की नौमाही में 718.3 करोड़ रुपए का राजस्व और 134.1 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। नौमाही में कंपनी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन 17.9 फीसदी दर्ज किया गया है। इससे स्पष्ट है कि साल दर साल कंपनी का कारोबार अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कर्ज इक्विटी रेश्यो 0.20 गुना था। इस आधार पर कह सकते हैं कि कंपनी पर कर्ज भार ना के बराबर है।
प्रबंधन के अनुसार
इन घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए कंपनी अध्यक्ष संजय जैन ने कहा कि “हमारे मुख्य और उभरते व्यावसायिक क्षेत्रों में लगातार मिल रहे ऑर्डर हमारी निष्पादन क्षमताओं और उच्च-विकास वाले इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों पर फोकस को दर्शाते हैं। वाटर एवं वेस्ट वाटर क्षेत्र में हमारा प्रवेश हमारे पोर्टफोलियो के विविधीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस क्षेत्र में हमारी मजबूत उपस्थिति हमें स्थिर वृद्धि को गति प्रदान कर रही है। एक मजबूत और विविध ऑर्डर बुक के साथ, हमें परियोजना निष्पादन और लगभग 2000 करोड़ रुपये के राजस्व पर स्पष्ट दृष्टि प्राप्त है, जिसमें अगले दो वर्षों में स्थिर वृद्धि होगी। कंपनी को क्षेत्रीय अनुकूल परिस्थितियों से लगातार लाभ मिल रहा है, जिसमें जल अवसंरचना पर सरकार द्वारा बढ़ा हुआ व्यय और नवीकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण समाधानों में बढ़ता निवेश शामिल है। अमृत 2.0, नमामि गंगा और स्वच्छ भारत मिशन जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं से मांग का दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है। विविध ऑर्डर बुक, कई राज्यों में मजबूत भौगोलिक उपस्थिति, स्थापित निष्पादन रिकॉर्ड और उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में पैठ के साथ, कंपनी मध्यम अवधि में सतत विकास प्रदान करने के लिए अच्छी स्थिति में है।”
आईपीओ के मायने
नवंबर 2024 में कंपनी का आईपीओ एनएसई और बीएसई मैनबोर्ड पर आया था। तब कंपनी ने 4,39,48,000 शेयर 148 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 650 करोड़ रुपए जुटाए थे। इसके बाद कंपनी का शेयर 392 रुपए के उच्चतम भाव पर पहुंच गया था। वर्तमान में कंपनी का शेयर 213.70 रुपए प्रति शेयर के भाव पर कारोबार कर रहा है। आईपीओ आने से कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और कंपनी में रिटेल निवेशकों का दायरा भी बढ़ा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।




