क्लाउड कंप्यूटिंग ने व्यवसायों के संचालन के तरीके में क्रांति ला दी है, लेकिन जहां बड़ी सुविधा होती है, वहां बड़ी जिम्मेदारी भी होती है। 3 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व क्लाउड सुरक्षा दिवस एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। क्या व्यवसाय अपने क्लाउड संसाधनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं या वे साइबर अपराधियों के लिए दरवाजे खुले छोड़ रहे हैं?
हाल के साइबर हमलों से पता चला है कि सबसे बड़ी कंपनियां भी असुरक्षित हो सकती हैं। डेटा उल्लंघनों से लेकर रैनसमवेयर तक, हैकर्स लगातार क्लाउड सुरक्षा की कमजोरियों का फायदा उठाने के नए तरीके खोज रहे हैं। केवल एक गलत कॉन्फिगरेशन या कमजोर पासवर्ड भी संवेदनशील व्यावसायिक और ग्राहक डेटा को उजागर कर सकता है, जिससे वित्तीय और प्रतिष्ठात्मक क्षति हो सकती है।
तो समाधान क्या है?: व्यवसायों को जीरो-ट्रस्ट रणनीति अपनानी चाहिए, जिससे हर एक्सेस पॉइंट को सत्यापित और मॉनिटर किया जा सके। मजबूत एन्क्रिप्शन, एआई-आधारित खतरे की पहचान और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित करना भी बेहद जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात कंपनियों को किसी हमले का इंतजार नहीं करना चाहिए—नियमित सुरक्षा ऑडिट और उद्योग मानकों के अनुपालन को प्राथमिकता देनी चाहिए। विश्व क्लाउड सुरक्षा दिवस केवल एक तारीख नहीं है, यह व्यवसायों के लिए अपनी सुरक्षा मजबूत करने की चेतावनी है। एक डिजिटल दुनिया में जहां साइबर खतरे हर दिन विकसित हो रहे हैं, सवाल यह है—क्या आपकी क्लाउड सुरक्षा आपकी सबसे मजबूत ढाल होगी या आपकी सबसे कमजोर कड़ी?




