भारत के बाहर रहने वाले भारतीयों के योगदान को सम्मानित करने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए आज प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाएगा। इसका मुख्य मकसद उन भारतीय प्रवासियों और भारतीय मूल के लोगों का सम्मान करना है, जो दुनिया के कई देशों में सफलतापूर्वक अपना नाम कर चुके हैं। वे डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, व्यवसायी, कलाकार, शिक्षक या सैनिक हो सकते हैं। वे जहां भी रहते हैं, अपने भारतीय मूल्यों और पहचान को गर्व से साथ लेकर चलते हैं। भारत के कई ख्याती प्राप्त लोग विदेशों में अपना नाम कमा रहे हैं। ऐसे में उन्हें सम्मान करने का फर्ज हर भारतवासियों का बनता है। प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत वर्ष,2003 में हुई थी। जब केंद्र सरकार ने इस दिन को मनाने का फैसला किया था। यह दिन महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी की तारीख 9 जनवरी, 1915 को चुना गया था। गांधी जी की वापसी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी थी। यह दिन भारत और प्रवासियों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है। इसके अलावा विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और भारत के विकास में प्रवासियों की भूमिका को उजागर करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम भी उठाएं हैं। इससेे विदेश में रह रहे भारतीयों को वीजा मुक्त यात्रा, बिजनेस और आर्थिक लाभ मिलते हैं। पासपोर्ट, वीजा और कानूनी मामलों में मदद दी जाती है। इसके अलावा व्यवसाईयों को व्यापार शुरू करने में सहूलियत देती है। बच्चों को भारतीय कॉलेजों में पढऩे का मौका भी दिया जाता है। प्रवासी भारतीय को कौशल और रोजगार प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।




