Monday, July 6, 2026 |
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बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने पर ध्यान देना जरूरी

by Business Remedies
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punit jain

कोरोना महामारी के बाद से सभी लोग जान गए हैं कि स्वास्थ्य की प्रति पूरा ध्यान दिया जाए, इसके लिए आज आमजन के लिए स्वास्थ्य और बचत महत्ती आवश्यकता है। सरकार द्वारा अगले माह पेश होने वाले बजट में भी इन सभी प्रावधानों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।केंद्र सरकार बजट-2025 की तैयारी में जुटी हुई है, इसके लिए सभी औद्योगिक संस्थानों के पदाधिकारियों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। पिछले दिनों ही भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि सरकार को देश में बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने पर महत्वपूर्ण ध्यान देना चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार को टर्म और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी और करों में छूट देने, स्वास्थ्य सेवा बजट को जीडीपी के 5 प्रतिशत तक बढ़ाने और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी दरों को एक समान 5 प्रतिशत-12 प्रतिशत तक तर्कसंगत बनाने पर विचार करना चाहिए। सभी सरकारी प्रायोजित पेंशन योजनाएं, एपीवाई, पीएम-एसवाईएम, पीएम-केएमवाई और एनपीएस-ट्रेडर्स को एक छतरी के नीचे लाया जा सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में बीमा पैठ वित्त वर्ष,24 में घटकर 3.7 प्रतिशत रह गई है, जबकि वित्त वर्ष,23 में यह 4 प्रतिशत और वित्त वर्ष, 22 में 4.2 प्रतिशत थी, इसलिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के वर्ष, 2047 तक सभी के लिए बीमा मिशन को प्राप्त करने के लिए तत्काल उपाय करने की आवश्यकता है। जीवन बीमा पैठ में 2.8 प्रतिशत की तीव्र गिरावट देखी गई है, जबकि गैर-जीवन बीमा 1 प्रतिशत पर स्थिर रहा है। इस चिंता को दूर करने के लिए रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार टर्म और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी और करों में छूट देने पर विचार कर सकती है, जिससे अधिक व्यक्तियों को इन आवश्यक कवरों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इसके अलावा पुरानी और नई दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए 25,000-50,000 रुपए की राशि की एक अलग कर कटौती शुरू करने से नीति अपनाने को और बढ़ावा मिल सकता है। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन, प्रधानमंत्री किसान मान-धन और व्यापारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना जैसी सरकारी प्रायोजित पेंशन योजनाओं को एक छतरी के नीचे एकीकृत करने से पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ सकती है। परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और आय सुरक्षा प्रदान करने के लिए कर्मचारियों के लिए एक विशेष बीमा कार्यक्रम भी जरूरी है।



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