भारत सरकार की आईटी सेक्टर में पहल कारगर सिद्ध हुई है। केंद्र सरकार निरंतर डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया पर फोकस कर आईटी सेक्टर को बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत भारत का आईटी सेक्टर पिछले पांच सालों में काफी आगे बढ़ा है। वर्ष, 2022 में भारतीय आईटी उद्योग का राजस्व $२२७ बिलियन था, जो पिछले साल की तुलना में 15.5 फीसदी अधिक था। वर्ष, २०२६-२७ में आईटी क्षेत्र में एक बार फिर सुधार देखने को मिलेगा। आईटी सेवाओं का निर्यात वर्ष, 2025 में $२२४ बिलियन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.48 फीसदी अधिक है। आईटी उद्योग में 5.4 मिलियन से अधिक लोग काम करते हैं। भारत में आईटी सेक्टर का योगदान जीडीपी में 7.4 फीसदी है। भारत के आईटी सेक्टर में एक बार फिर रफ्तार लौटती नजर आ रही है। वहीं वर्ष, 2025 में आईटी नौकरियों की कुल मांग 18 लाख तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 16 प्रतिशत ज्यादा है। नई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी ने आईटी जॉब मार्केट को मजबूत किया है। इस बढ़त की सबसे बड़ी वजह विदेशी कंपनियों की ओर से भारत में बनाए जा रहे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स हैं। भारत में एडवांस टेक्नोलॉजी, डेटा और डिजिटल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जिससे स्किल्ड प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ी है। जहां आईटी सेक्टर 2030 तक $४०० बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबरसिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में वृद्धि होने की संभावना है।

