Friday, July 17, 2026 |
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ट्रंप की घोषणा अगर प्रभावी हो गई तो भारतीय निर्यातकों पर पड़ेगा असर

by Business Remedies
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दुनिया में अपना वर्चस्व कायम करने और अपने देश का हित साधने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प पिछले काफी महीनों से कुछ ना कुछ घोषणाएं करते रहे हैं। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में ही सत्ता संभालने के कुछ दिन बाद ही टैरिफ बढ़ाने का गीत अलापना शुरू कर दिया था। अब फिर से मई माह के अंतिम सप्ताह में उन्होंने स्टील और एल्युमीनियम आयात पर टैरिफ दोगुना करने की घोषणा कर सभी को चौका दिया है। इस घोषणा के प्रभावी होने की आज समय सीमा भी दी गई है। अब देखना है कि उनकी यह घोषणा भारत के व्यापार को कितना प्रभावित कर पाएगी। अगर यह निर्णय प्रभावी हो जाता है तो निश्चित रूप से भारतीय निर्यातकों पर असर पड़ेगा। जहां वर्ष,२०२४-२५ में भारत ने अमेरिका को ४.५६ अरब डॉलर का स्टील-एल्युमीनियम का उत्पाद निर्यात किया था, जिस पर शुल्क बढऩे से भारत का निर्यात प्रभावित हुए बिना नहीं रहे सकता। स्टील आयात पर अमेरिका की तरफ से शुल्क को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। वहीं इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) ने अमेरिका निर्यात होने वाले इंजीनियरिंग गुड्स के निर्यात के प्रभावित होने की आशंका जाहिर की है, क्योंकि स्टील से निर्मित आइटम के निर्यात पर भी अब 50 प्रतिशत का शुल्क लगेगा।भारत के स्टील और एल्युमीनियम निर्यात, विशेष रूप से मूल्यवर्धित और तैयार स्टील उत्पादों और वाहनों के कल पुर्जोंका निर्यात प्रभावित होगा। अमेरिकी स्टील और एल्युमीनियम आयात शुल्क में प्रस्तावित वृद्धि का विशेष रूप से स्टेनलेस स्टील पाइप, स्ट्रक्चरल स्टील कंपोनेंट और ऑटोमोटिव स्टील पाट्र्स जैसी अर्ध-तैयार और तैयार इस्पात उत्पादों के निर्यात पर प्रभाव पड़ेगा। ये उत्पाद भारत के बढ़ते इंजीनियरिंग निर्यात का हिस्सा हैं और उच्च शुल्क अमेरिकी बाजार में हमारी मूल्य प्रतिस्पर्धात्मकता को कम कर सकते हैं। वहीं अगर ऐसा अमेरिका करता है तो भारत भी वहां से आने वाले बादाम और अखरोट जैसे कुछ सामानों पर ज्यादा टैक्स लगा सकता है। इसके अलावा अमेरिकी धातुओं पर भी टैक्स बढ़ाया जा सकता है।



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