पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर आज विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाएगा। यह एक वैश्विक कार्यक्रम है, इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण के खिलाफ लोगों को एकजुट करना और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जहां वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि और ग्लोबल वार्मिंग के कारण प्राकृतिक आपदाएं मानवता के लिए लगातार खतरनाक होती जा रही हैं, जिससे जलवायु परिवर्तन और समुद्र स्तर में वृद्धि हो रही है। यह संभावना है कि भविष्य में मानव जाति को हर साल कई ऐसी आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। वर्ष, 2022 में विश्वभर की सरकारों की ओर से कई महत्वपूर्ण हरित नीति प्रस्तावों को अपनाया गया। हालांकि, इनमें से केवल कुछ ही सरकारें 2050 तक ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) तटस्थता प्राप्त करने के लिए उपाय लागू कर रही हैं। यदि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए तत्काल अतिरिक्त कदम नहीं उठाए गए, तो पृथ्वी का तापमान औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर से 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाएगा, जो मानव जीवन के लिए विनाशकारी होगा। पृथ्वी को प्राकृतिक आपदाओं से बचाना और इसे रहने और जीवनयापन के लिए एक बेहतर स्थान प्रदान करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। विश्व पृथ्वी दिवस पर्यावरण विशेषज्ञों की ओर से नई नीतियां बनाने और मौजूदा पर्यावरणीय मुद्दों पर कार्रवाई करने के महत्व पर फोकस करता है। इस वर्ष की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” रहेगा। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि हम केवल पृथ्वी के निवासी नहीं, बल्कि इसके रक्षक भी हैं। यह प्रदूषण, वनों की कटाई, और प्लास्टिक कचरे जैसी समस्याओं को उजागर करता है। यह लोगों को पेड़ लगाने, ऊर्जा बचाने, पानी बचाने और पुनर्चक्रण जैसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। पहला पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल, 1970 को मनाया गया, जिसका आयोजन विस्कॉन्सिन के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन और युवा कार्यकर्ता डेनिस हेज ने किया था। वर्ष,1969 में तेल रिसाव की घटना से हुए नुकसान को देखकर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए एक जागरूकता दिवस की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके बाद उन्होंने इस आयोजन को शुरू करने का निर्णय लिया।

