Saturday, February 7, 2026 |
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उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन, कहा—राजस्थान का पत्थर और स्थापत्य पूरी दुनिया की पहचान

by Business Remedies
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जयपुर। इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के दूसरे दिन जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा में जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने राजस्थान की स्थापत्य विरासत, पत्थर उद्योग और शिल्प परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाला आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि चाहे अयोध्या का राम मंदिर हो, अक्षरधाम हो, ऐतिहासिक स्मारक हों, धार्मिक स्थल हों या विश्व के प्रतिष्ठित होटल और इमारतें—यदि ध्यान से देखा जाए तो इनमें उपयोग हुआ पत्थर प्रायः राजस्थान का ही होता है। यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि यहां की माटी और पत्थर का योगदान पूरी दुनिया में दिखाई देता है।

मुग्धा कन्वेंशन हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई। इस अवसर पर देश–विदेश के प्रख्यात आर्किटेक्ट्स, नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और संस्थागत संगठनों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी मंचासीन रहे।

मंच से संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि, इतने बड़े और प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट्स को एक मंच पर सम्मानित करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने लघु उद्योग भारती का आभार जताते हुए कहा कि इस भव्य आयोजन में उन्हें आमंत्रित किया गया, जिसके लिए वे आयोजकों की आभारी हैं। शिल्पग्राम पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे–छोटे कारीगरों और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े शिल्पकारों को इतना बड़ा मंच और स्थान देना एक सराहनीय पहल है। इससे कारीगरों, छात्रों और युवाओं को न केवल सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि निर्यातकों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में और भी व्यापक स्वरूप ले सकता है और भविष्य में इसे चार दिनों के बजाय अधिक अवधि तक आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने “विकास भी और विरासत भी” की सोच को आगे बढ़ाते हुए पारंपरिक स्थापत्य और आधुनिक आर्किटेक्चर के समन्वय पर ज़ोर दिया।

जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 के उद्घाटन अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह आयोजन राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट, हस्तशिल्प और मार्बल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान हैंडीक्राफ्ट्स का घर है और इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे मंचों की बेहद आवश्यकता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक ऐसा विशेष क्षेत्र है, जिस पर अभी और अधिक काम करने की जरूरत है। दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को ध्यान में रखते हुए पुरानी ऐतिहासिक इमारतों में मौजूद स्थापत्य और डिज़ाइन को नई इमारतों में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों को चार दिनों तक सीमित रखने के बजाय दस दिनों तक आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि जयपुर वैसे भी आर्किटेक्चर के लिए जाना जाता है और यह दुनिया की पहली प्लांड सिटी है। हम ऐसे शहर से जुड़े हैं, जिसका विश्व वास्तुकला में एक विशेष स्थान है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की कई ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित इमारतों में राजस्थान का पत्थर उपयोग में लिया गया है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

दिया कुमारी ने कहा कि इस फेस्टिवल में वर्ल्ड ऑफ आर्किटेक्ट्स के दिग्गज मौजूद हैं और उन्हें इन सभी को सम्मानित करने का अवसर मिला, जिसे वे अपने लिए गर्व का क्षण मानती हैं। उन्होंने प्रदर्शनी को भव्य बताते हुए कहा कि बड़े पंडाल, शानदार स्टॉल और छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स इस आयोजन की खास पहचान हैं।

मंचासीन अतिथियों की उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में मंच पर श्रीमती दिया कुमारी, माननीय उपमुख्यमंत्री, राजस्थान श्रीमती अंजू सिंह, राष्ट्रीय सचिव, लघु उद्योग भारती श्री मुकुल रस्तोगी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सीडॉस, श्री दीपक अजमेरा, उपाध्यक्ष, सीडॉस, आर्किटेक्ट वू जियांग, प्रेसिडेंट, आर्केसिया आर्किटेक्ट तुषार सोगानी, चेयरमैन, आईआईए राजस्थान एवं क्यूरेटर, जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 आर्किटेक्ट विलास वसंत उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में श्री प्रकाश चंद्र, श्री नरेश पारीक, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव, लघु उद्योग भारती एवं श्री हमीर सिंह भायल, विधायक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अंजू सिंह ने बताई आयोजन की विशेषताएं
लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती अंजू सिंह ने बताया कि, इंडिया स्टोन मार्ट का आयोजन लघु उद्योग भारती द्वारा सीडॉस और रीको के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार कई पहलें पहली बार की गई हैं, जिनमें एक डिजिटल मोबाइल ऐप का लॉन्च, 26 भाषाओं में ट्रांसलेट होने वाली वेबसाइट, और टेक्नोलॉजी आधारित सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के माध्यम से स्टोन, आर्किटेक्चर और एमएसएमई सेक्टर को एक साझा मंच मिला है। उन्होंने लघु उद्योग भारती को ऐसा संगठन बताया जो सरकार के साथ मिलकर एमएसएमई और लघु उद्योगों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य करता है।

ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 के उद्घाटन अवसर पर 12वें ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया। चार श्रेणियों में कुल 80 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। पुरस्कार विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया गया। पुरस्कार विजेता एवं प्राइज मनी एक्सटीरियर फेंसिंग श्रेणी
• आर्किटेक्ट प्रमोद जैन
प्रोजेक्ट: मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर, राजस्थान
नकद पुरस्कार: 1,00,000 रुपए
इंटीरियर डिजाइन श्रेणी (संयुक्त विजेता)
• आर्किटेक्ट श्वेता बालासुब्रमोनी
प्रोजेक्ट: अन्वय रेजिडेंस, कोठवलगुडा, तेलंगाना
नकद पुरस्कार: 50,000 रुपए
• आर्किटेक्ट संतोष रमणे
प्रोजेक्ट: सावंतांच्या वाडा, कोल्हापुर, महाराष्ट्र
नकद पुरस्कार: 50,000 रुपए
लैंडस्केपिंग श्रेणी (संयुक्त विजेता)
• आर्किटेक्ट श्रद्धा (जोशी) चव्हाण एवं आर्किटेक्ट अजिंक्य चव्हाण
प्रोजेक्ट: बिल्ट विथ द इनबिल्ड – चंद्रातर्य फॉर्महाउस, पुणे, महाराष्ट्र
नकद पुरस्कार: 50,000 रुपए
• आर्किटेक्ट जयदत्त विश्वनाथ वैष्णव एवं आर्किटेक्ट अनल कपाड़िया वैष्णव
प्रोजेक्ट: बियोंड द ग्रीन – ए बायो डाइवर्स लैंडस्केप, अहमदाबाद, गुजरात
नकद पुरस्कार: 50,000 रुपए
ग्रीन आर्किटेक्चर श्रेणी (संयुक्त विजेता)
• आर्किटेक्ट हिमांशु पटेल
प्रोजेक्ट: त्रिभुवन – एन आर्किट्स ऑन स्टूडियो, अहमदाबाद, गुजरात
नकद पुरस्कार: 50,000 रुपए
• आर्किटेक्ट लता रमन जैगोपाल
प्रोजेक्ट: स्टोन हेगडे, लेह, जम्मू एवं कश्मीर
नकद पुरस्कार: 50,000 रुपए

जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026: क्या है खास
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि वास्तुकला, स्टोन, शहरी नियोजन और सतत विकास को एक साझा मंच पर लाने वाला राष्ट्रीय स्तर का विचार–उत्सव है।
इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के समानांतर आयोजित यह फेस्टिवल आर्किटेक्ट्स, नीति-निर्माताओं, छात्रों और स्टोन इंडस्ट्री के पेशेवरों के बीच सीधा संवाद और विचार–विमर्श स्थापित कर रहा है।

धन्यवाद ज्ञापन
समारोह के अंत में सीडॉस के चेयरमैन श्री दीपक अजमेरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों, सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी का तहेदिल से धन्यवाद किया।



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