जनभागीदारी से मजबूत होगा डिजिटल नेटवर्क
नई दिल्ली, 27 अगस्त (IANS)। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायती राज मंत्रालय ने नागरिकों और संस्थानों से ‘DAANVEER’ बनने की अपील की है। यह एक People-led Computer Crowdsourcing Initiative है, जिसके माध्यम से लोग सीधे सत्यापित Gram Panchayats को Desktop Computers दान कर सकते हैं।
पारदर्शी और आसान डिजिटल प्रक्रिया
मंत्रालय के अनुसार, ‘DAANVEER’ पहल के तहत कंप्यूटर दान की प्रक्रिया को ऑनलाइन खरीदारी जितना सरल बनाया गया है। नागरिक Meri Panchayat App के माध्यम से अपने मोबाइल पर राज्य सरकारों द्वारा सत्यापित उन Gram Panchayats की जानकारी देख सकते हैं, जिन्हें Desktop Computers की आवश्यकता है। इसके बाद वे अपनी पसंद की Panchayat को सहायता प्रदान कर सकते हैं।
DigiHaat के जरिए सुरक्षित लेनदेन
‘Donate Computer’ विकल्प पर क्लिक करने के बाद दानकर्ता को ONDC-enabled digital marketplace DigiHaat पर सुरक्षित रूप से भेजा जाता है। यहां अलग से Registration की आवश्यकता नहीं होती। चयनित Panchayat का Delivery Address और Recipient Details पहले से उपलब्ध रहती हैं। दानकर्ता तकनीकी मानकों के अनुरूप Computer Bundles चुनकर Digital Payment कर सकते हैं और Order Confirmation से Delivery तक पूरी प्रक्रिया Track कर सकते हैं।
डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगी नई ताकत
Gram Panchayat Secretary द्वारा प्राप्ति की पुष्टि के बाद दानकर्ता को Digital Certificate of Appreciation प्रदान किया जाता है। इससे पूरी Donation Journey पारदर्शी बनी रहती है। दान किए गए कंप्यूटर Panchayats को Planning, Financial Management, Record Keeping और Citizen Service Delivery जैसे कार्यों में डिजिटल प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग करने में सक्षम बनाएंगे।
देशभर में बढ़ रहा जनसमर्थन
यह पहल उन नागरिकों, Indian Diaspora, Philanthropic Organisations और CSR Partners के लिए भी एक अवसर है, जो अपने गांवों के विकास में योगदान देना चाहते हैं। 27 अगस्त 2026 तक इस पहल के तहत 75 कंप्यूटर दान किए जा चुके हैं।
डिजिटल रूप से सशक्त Panchayats की दिशा में कदम
मंत्रालय के अनुसार, अधिक राज्यों के जुड़ने के साथ ‘DAANVEER’ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है। यह पहल Participatory Governance का एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करती है, जिसमें आम नागरिक सरकारी प्रयासों के साथ मिलकर ग्रामीण संस्थानों को मजबूत कर सकते हैं।

