Sunday, June 28, 2026 |
Home Business and Economyवैश्विक कच्चे तेल के दाम में गिरावट, पश्चिम एशिया तनाव से बाजार अस्थिर

वैश्विक कच्चे तेल के दाम में गिरावट, पश्चिम एशिया तनाव से बाजार अस्थिर

by Business Remedies
0 comments
An oil tanker at sea, heading towards India

New Delhi,

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। पिछले सत्र में तेज उछाल के बाद कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल वायदा लगभग 2.50 प्रतिशत गिरकर 100.85 डॉलर प्रति बैरल के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 3.40 प्रतिशत गिरकर 92.83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया। इस सप्ताह अब तक डब्ल्यूटीआई वायदा में करीब 4.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि ब्रेंट कच्चा तेल 2 प्रतिशत से अधिक कमजोर हुआ है।

ईरान से जुड़ी घटना से बढ़ी चिंता

बाजार में यह गिरावट उस समय आई है जब ईरान ने पुष्टि की है कि उसके वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी की मृत्यु हो गई है। वे सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव भी थे। उनकी मृत्यु को ईरान की युद्धकालीन नेतृत्व क्षमता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ने की आशंका है। बाजार की प्रमुख चिंता का केंद्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और जहां से लगभग पांचवां हिस्सा तेल का परिवहन होता है। इस मार्ग से आवाजाही अब सामान्य व्यापार के बजाय भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर होती जा रही है।

आपूर्ति श्रृंखला पर अनिश्चितता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने के प्रयास धीमे पड़ते नजर आ रहे हैं। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के सामान्य होने की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। ईरान द्वारा हमलों में वृद्धि की गई है, जबकि अमेरिकी बलों ने जलडमरूमध्य के पास मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है।

इस वर्ष तेल कीमतों में भारी उछाल

वर्ष 2026 में अब तक कच्चे तेल के दामों में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है, जिसका मुख्य कारण ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव है। इसका असर खुदरा ईंधन कीमतों पर भी दिखने लगा है, जहां अमेरिका में डीजल की कीमत 5 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब बाजार में सुधार देखने को मिला है।



You may also like

Leave a Comment