बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। कोलकाता आधारित ‘Cool Caps Industries Limited’ वाटर एवं बेवरेज इंडस्ट्रीज की प्राइमरी और सेकेंडरी पैकेजिंग आवश्यकताओं के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन देने वाली प्रमुख कंपनी है। हाल ही में कंपनी की आसाम स्थित नवनिर्मित इकाई में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हुआ है। इसके चलते कंपनी का शेयर निवेशक समुदाय के फोकस में आ गया है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, वित्तीय प्रदर्शन, आसाम स्थित नवनिर्मित इकाई का विवरण, आईपीओ के मायने, इंडस्ट्री डायनामिक्स जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
यह करती है कंपनी
नवंबर 2015 में ‘Cool Caps Industries Limited’ का इनकॉरपोरेशन हुआ था। कंपनी का मुख्यालय पश्चिम बंगाल के कोलकाता में है। मार्च 2022 में एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर कंपनी का आईपीओ आया था। पूरे भारत में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से कंपनी की उपस्थिति है। कंपनी विभिन्न प्रकार और आकार में प्लास्टिक बॉटल कैप्स एंड क्लोजर्स, हैंडल्स, श्रिंक व्रेप और प्रीफार्म का निर्माण एवं बिक्री करती है। वर्तमान में पूरे देश में कंपनी की पांच विनिर्माण इकाइयां हैं। कंपनी की पहली निर्माण इकाई पश्चिम बंगाल के कोलकाता में है। दूसरी और तीसरी इकाई उत्तराखंड के कोटद्वार में स्थित है। हाल ही में कंपनी की चौथी निर्माण इकाई असम के नलबाड़ी में स्थापित हुई है। कंपनी की पांचवीं इकाई उड़ीसा में स्थापित होगी, जिसके लिए कंपनी ने औद्योगिक भूखंड खरीद लिया है। कंपनी की तीन सब्सिडीयरी कंपनियां पूर्व टेक्नोप्लास्ट, पूर्व इकोप्लास्ट और पूर्व पैकेजिंग भी स्थापित है।
उत्पादन और भावी योजना
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर कंपनी का विशेष फोकस है, क्योंकि यह पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। वेस्ट पीईटी बोतल की रीसाइकलिंग से प्लास्टिक रॉ मटेरियल की बचत भी होती है। वहीं इससे कीमती हाइड्रोकार्बन रिसोर्सेज की बचत भी होती है। इससे रॉ मटेरियल उपलब्ध करवाने वाली कंपनियों पर निर्भरता भी कम होती है। रीसाइकिल्ड रॉ मटेरियल के इस्तेमाल से उत्पादन की लागत भी कम होती है। प्लास्टिक पैकजिंग में रीसाइकिल्ड प्लास्टिक का उपयोग भारत सरकार की ओर से अनिवार्य किया गया है और कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 में अनिवार्य स्तर 30 फीसदी से अधिक 35 फीसदी रीसाइकिल्ड प्लास्टिक का उपयोग करेगी। आने वाले वर्षों में भी कंपनी रीसाइकिल्ड प्लास्टिक का उपयोग अनिवार्य स्तर से अधिक करेगी। कंपनी के उत्पादों में अलास्का कैप (क्षमता 3430 कैप प्रति मिनट), सील कैप (क्षमता 45 कैप प्रति मिनट), कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स कैप (क्षमता 1130 कैप प्रति मिनट) 2 लीटर हैंडल्स (क्षमता 4800 हैंडल्स प्रति मिनट) और 5 लीटर हैंडल्स (क्षमता 1600 हैंडल्स प्रति मिनट) में शामिल हैं। कंपनी की योजना जूस बॉटल कैप्स का उत्पादन शुरू करने की है। निर्माण इकाई तीन में कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही से सील कैप का उत्पादन शुरू किया है। इस सेगमेंट में कंपनी के ग्राहकों में बिसलेरी, किंगफिशर, पतंजलि और रेल नीर जैसी कंपनियां शुमार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय कैप एंड क्लोजर्स का मार्केट वित्त वर्ष 2022 में 1.7 बिलियन डॉलर से वित्त वर्ष 2028 में 4.2 सीएजीआर से बढक़र 2.4 बिलियन डॉलर होने की संभावना है। कंपनी 5 लीटर पीईटी प्रिफॉर्म (क्षमता 720 प्रिफॉर्म प्रति घंटा) और 10 लीटर पीईटी प्रिफॉर्म (क्षमता 240 प्रिफॉर्म प्रति घंटा) है। इस सेगमेंट में कंपनी का प्रमुख ग्राहक बिसलेरी है। कंपनी के अन्य पैकेजिंग उत्पादों में श्रिंक एंड मल्टीलेयर फिल्म्स (क्षमता 300 किलो प्रति घंटा) , जिप लॉक (क्षमता 22.5 किलो प्रति घंटा) और एंटी माइक्रोबॉयल फिल्म्स (क्षमता 500 किलो प्रति घंटा) है। इस सेगमेंट में कंपनी ने तेजी से बढ़त हासिल की है और कंपनी को कुल राजस्व का 45 फीसदी इस सेगमेंट से हासिल हो रहा है। इस 1 सेगमेंट में कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में मित्तल पैकेजिंग, कुसुम प्लास्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, डी कनवर्टर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,एमआर विनमय प्राइवेट लिमिटेड, एन.एन. प्रिंट एंड पैक प्राइवेट लिमिटेड और शिवम प्लास्टिक शामिल हैं।
आसाम इकाई का विवरण
कंपनी ने 30 अगस्त 2024 को शेयर बाजारों को सूचित किया है कि कंपनी ने जब जब कूची औद्योगिक पार्क, ग्राम – जब-जब कूची, पोस्ट – बाराजोल, पी.एस.घोगरापार, जिला. नलबाड़ी, पिन-781369, असम में स्थित नव स्थापित यूनिट 4 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया है। यह इकाई कैप और क्लोजर के निर्माण के लिए कंपनी की पांचवीं स््रष्टरूढ्ढ-आधारित उत्पादन लाइन के लॉन्च का प्रतीक है, जिससे स्ड्डष्द्वद्ब-निर्मित क्लोजर की कंपनी की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 300,00,00,000 पीस तक बढ़ गई है। इस विस्तार से कंपनी की व्यावसायिक संभावनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस नई इकाई के साथ, कूल कैप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड पूर्वी भारत में स्थित सबसे बड़ी प्लास्टिक कैप और क्लोजर कंपनी बन गई है। यह कूल कैप्स इंडस्ट्रीज को पूरे भारत के तीन अलग-अलग राज्यों में विनिर्माण सेटअप वाली दूसरी कंपनी बनाता है।
कंपनी के प्रवर्तकों का अनुभव
राजीव गोयनका कंपनी के प्रबंध निदेशक और प्रमोटर हैं। राजीव गोयनका के पास भारतीय प्लास्टिक पैकेजिंग उद्योग में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 1992 में प्लास्टिक उद्योग में प्रवेश किया जब उन्होंने अपने दिवंगत पिता साजन कुमार अग्रवाल के साथ अपनी पहली कंपनी ‘राजीव ट्रेडिंग एंड होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड’ की स्थापना की।
वंशय गोयनका कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक हैं। वंशय गोयनका विपणन विभाग के समग्र कामकाज के लिए जिम्मेदार हैं और वे कंपनी के व्यवसाय और मिशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे इनेबलकैप (संस्थापक), द डोटिन नेटवर्क (पार्टनर) और री.एक्ट वेस्ट टेक (संस्थापक) से जुड़े हुए हैं। वे आईपीएफ में ईपीआर और रीसाइक्लिंग समिति के प्रमुख भी हैं।
उन्नत गोयनका कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक हैं। उन्नत गोयनका ने नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी, यूएसए से बैचलर ऑफ साइंस बीएस, डेटा साइंस, फाइनेंस, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे अगली पीढ़ी के तौर पर कंपनी में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
वित्तीय प्रदर्शन
ित्त वर्ष 2021 में कंपनी ने कुल राजस्व 31.1 करोड़ रुपए एवं 4.6 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ,वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने कुल राजस्व 52.9 करोड़ रुपए एवं 3.6 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2023 में 181.6 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 5.7 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 153.3 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 3.93 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। कंपनी के वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी का राजस्व एवं कर पश्चात शुद्ध लाभ वर्ष दर वर्ष बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन 2.56 फीसदी दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 3.40 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है।
आईपीओ के मायने
मार्च 2022 में कंपनी का आईपीओ एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आया था। तब कंपनी ने 38 रुपए प्रति शेयर के भाव पर 30,60,000 शेयर जारी कर 11.63 करोड़ रुपए जुटाए थे। उसके बाद कंपनी ने शेयर धारकों को अच्छा रिटर्न देते हुए 585 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। कैपेक्स के कारण कंपनी का बॉटम लाइन मार्जिन कुछ कम हुआ है लेकिन आने वाले समय में कंपनी की टॉप लाइन और बॉटम लाइन दोनों में तेजी आने की संभावना है। वर्तमान में कंपनी का शेयर 630 रूपये प्रति शेयर के भाव पर चल रहा है। लिस्टिंग से कंपनी को राष्ट्रीय पहचान मिली है और अब कंपनी की पांच विनिर्माण इकाइयां हो चुकी हैं। प्लास्टिक बोतल में कंपनी वन स्टॉप सॉल्यूशन दे रही है। रीसाइकिल्ड रॉ मटेरियल से कंपनी के मार्जिन में आने वाले समय में अच्छी बढ़त होने की संभावना है। लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी का भविष्य देखते हुए निवेश करना चाहिए।
नोट: कंपनी के शेयर में निवेश करने से पूर्व निवेशकों को पंजीकृत निवेश सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए।




