बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। सीआईआई-यंग इंडियंस (वाईआई) अजमेर चैप्टर ने आगूचा, भीलवाड़ा स्थित हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड-रामपुरा आगूचा माइंस (आरएएम) का दौरा किया। शिक्षण मिशन का उद्देश्य दुनिया की सबसे बड़ी जस्ता खदान में से एक रामपुरा अगुचा खदान को देखना और भूमिगत खनन उत्कृष्टता में आने वाली चुनौतियों को जानना था। इसकी अयस्क उत्पादन क्षमता 6.15 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है, जिसमें सर्वोत्तम श्रेणी का जस्ता-सीसा भंडार ग्रेड 15.8 प्रतिषत है।
यात्रा के दौरान, सीआईआई-यंग इंडियंस (वाईआई) अजमेर चैप्टर के अध्यक्ष, अभिनव तोषनीवाल ने बताया कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड-रामपुरा अगुचा माइंस भूमिगत खनन उत्कृष्टता का एक बेंचमार्क है, अगुचा खदान अपने उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे, संचालन, कम्युनिटी एन्गेजमेन्ट, पर्यावरण प्रतिबद्धता, सुरक्षा मानकों, तकनीकी कौशल और नेतृत्व के लिए जानी जाती है।
सीआईआई राजस्थान के वरिष्ठ निदेशक और प्रमुख, नितिन गुप्ता ने साझा किया कि यंग इंडियंस (वाईआई) भारत में 68 अध्यायों के साथ युवा भारतीयों के लिए एक पैन इंडिया मंच के रूप में 2002 में गठित सीआईआई का एक अभिन्न अंग है। वाईआई सदस्यता में 21-45 वर्ष की आयु के बीच के युवा प्रगतिशील भारतीय शामिल हैं और इसमें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमी, पेशेवर और उपलब्धियां शामिल हैं। यात्रा के दौरान अजमेर क्षेत्र के 21 प्रमुख युवा उद्यमियों ने लर्निंग विजिट में भाग लिया।
सीआईआई-यंग इंडियंस (वाईआई) अजमेर चैप्टर की सह अध्यक्ष साक्षी अग्रवाल ने साझा किया कि पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कंपनी के मजबूत फोकस के अनुरूप, हमने अगुचा खदान में ग्रीन फुटप्रिंट को बढ़ाने एवं उत्पादकता और दक्षता में वृद्धि के साथ अपनी सुरक्षा को बढ़ाने हेतु लिए गये प्रमुख इनिशिएटिव और इंटरवेन्शन देखे।

