बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई भारत के विश्वसनीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, Bank of India ने अपना 120वां स्थापना दिवस मुंबई के बीकेसी स्थित जियो वल्र्ड कन्वेंशन सेंटर में भव्य आयोजन के साथ मनाया। इस अवसर पर कर्मचारियों, हितधारकों और साझेदारों ने एक ऐसी विरासत को याद किया जो विश्वास पर आधारित है और आज 12 करोड़ से अधिक ग्राहकों की सेवा कर रही है। साथ ही, बैंक ने अपने भविष्य के साहसिक एजेंडा को भी प्रस्तुत किया।
Bank of India के एमडी एवं सीईओ रजनीश कर्नाटक ने कहा कि ‘120 वर्षों से, बैंक ऑफ इंडिया केवल एक वित्तीय संस्था नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र की विकास गाथा का साझेदार रहा है। भविष्य में हमारा ध्यान स्पष्ट है – डिजिटल बैंकिंग में अग्रणी बनना, समावेशी विकास को बढ़ावा देना और किसानों, गिग वर्कर्स से लेकर कॉरपोरेट्स और उपेक्षित वर्गों तक, समाज के हर हिस्से के लिए नवाचार करना। हमारा संकल्प है कि हम भारत की सेवा तत्परता, सहानुभूति और दूरदर्शिता के साथ करें।’
इस समारोह में अगली पीढ़ी के ऐसे बैंकिंग समाधानों का अनावरण किया गया, जिनका उद्देश्य भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन को और सशक्त करना है। आधुनिक कृषि को मज़बूत बनाने के लिए स्टार एग्री स्मार्ट फ़ाइनेंस स्कीम, व्यापार को आसान बनाने के लिए BOI TradeEasy प्लेटफ़ॉर्म, और गिग वर्कर्स के लिए विशेष उत्पाद जैसे कदमों से बैंक ऑफ इंडिया ने खुद को भविष्य का बैंक साबित किया है, जो अपनी सौ साल पुरानी मूल्यों पर आधारित है। बैंक ने ब्रेल डेबिट कार्ड पेश कर पहुँच और समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, स्टार व्यापार शक्ति करंट अकाउंट और Omni Neo Corporate Internet Banking ने यह दिखाया कि बैंक उद्यमियों और कॉरपोरेट्स को सुरक्षित और तकनीक-आधारित समाधान देने के लिए तत्पर है। बैंकिंग से परे, इस शाम ने संस्थान की सामाजिक ज़िम्मेदारी को भी दर्शाया। निदेशक मंडल और वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति में, ष्टस्क्र योगदान निम्न को दिया:
जान फ़ाउंडेशन ट्रस्ट : दुव्र्यवहार व तस्करी के पीडि़तों के लिए शेल्टर होम का समर्थन।
डबेवाला रोटी फ़ाउंडेशन : मुंबई में भूख मिटाने और भोजन वितरण कायक्रमों को मज़बूत बनाने के लिए।
बैंक ने वित्तीय क्षेत्र से बाहर उत्कृष्टता का भी सम्मान किया और एशियन ओपन शॉर्ट-ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैम्पियनशिप की पदक विजेता नयना तल्लूरी को उनकी खेल उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। सुनील साले ट्रूप द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सुखविंदर सिंह और उनके बैंड द्वारा एक जीवंत संगीत कार्यक्रम ने शाम को ऊर्जा और गौरव से भर दिया, जो परंपरा और आगे की गति दोनों का प्रतीक था।

