बिजनेस रेमेडीज/ ककटपुर/पुरी भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, Bank of Baroda ने वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के संतृप्तिकरण अभियान के तहत ककटपुर, पुरी में विशाल शिविर का आयोजन किया। 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2025 तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य देश भर में ग्राम पंचायत (जीपी) और शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में डॉ. देबदत्त चांद, प्रबंधक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, Bank of Baroda कृष्ण चंद्र जेना, सरपंच, कडुनुआगांव ग्राम पंचायत; स्वप्ना बंदोपाध्याय, महाप्रबंधक एवं अंचल प्रमुख, भुवनेश्वर अंचल; श्री सत्य रंजन महापात्र, क्षेत्रीय प्रमुख, भुवनेश्वर अंचल सहित बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में 500 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी की, जो ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता तथा सुलभ बैंकिंग सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है। अपने संबोधन में इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंधक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डॉ. देबदत्त चांद ने वित्तीय समावेशन के महत्व तथा प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के बैंक के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा, कि समावेशी विकास और समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय समावेशन जरूरी है। इस माह ओडिशा में आयोजित हमारे विशाल शिविर राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तथा प्रत्येक घर तक बैंकिंग सेवाएं, बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं उपलब्ध कराने के प्रति हमारे बैंक की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। विभिन्न समुदायों की उत्साहपूर्ण भागीदारी औपचारिक बैंकिंग चैनलों में बढ़ते विश्वास को व्यक्त करती है। ककटपुर, पुरी में आयोजित यह विशाल शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच और पूरे ओडिशा में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने शिविर के दौरान प्रतिभागियों के साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। विशाल शिविर के दौरान बैंक से वंचित व्यक्तियों के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत नए खाते खोलना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत नामांकन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। उक्त शिविर में अदावी जमाराशियों का दावा करने की प्रक्रिया के संबंध में लोगों को जागरूक भी किया गया। इसके अतिरिक्त, डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए जागरूकता सत्रों के साथ-साथ पीएमजेडीवाई के तहत पात्र निष्क्रिय बचत खातों के लिए रि-KYC अभियान आयोजित किया गया। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) प्वाइंट के साथ-साथ विशेष काउंटरों पर गंदे करेंसी नोटों के आदान-प्रदान की सुविधा भी प्रदान की गई। इस अवसर पर ऋण सुविधाओं के तहत संवितरण करते हुए लाभार्थियों को चेक सौंपे गए। भुवनेश्वर में अंचल कार्यालय की स्थापना के बाद ओडिशा में 24 नई शाखाएं खोलकर, Bank of Baroda विकसित भारत की संकल्पना को केन्द्र में रखते हुए ओडिशा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यह विशाल शिविर बैंक ऑफ़ बड़ौदा की भारत सरकार के समावेशी वित्तीय सशक्तिकरण के दृष्टिकोण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

