बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सतत वित्तीय प्रणालियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक AU Small Finance Bank (AU SFB) ने अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत बैंक एक व्यापक क्लाइमेट रिस्क एडवायजरी प्रोग्राम शुरू करेगा। इस पहल के माध्यम से एयू एसएफबी अपनी गवर्नेंस प्रणाली, रणनीतिक योजना, रिस्क मैनेजमेंट प्रक्रियाओं और ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) प्रकटीकरण में क्लाइमेट रिस्क को एकीकृत करेगा — जो वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और उभरती नियामक अपेक्षाओं के अनुरूप है।
इस साझेदारी में IFC, AU SFB के प्रमुख ईएसजी और क्लाइमेट रिस्क एडवायजर की भूमिका निभाएगा और बैंक को क्लाइमेट से संबंधित वित्तीय जोखिमों को मापने, प्रकटीकरण करने और प्रबंधित करने में सहायता करेगा। यह सहयोग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया क्लाइमेट डिस्क्लोजर गाइडलाइंस और वैश्विक ढांचे जैसे टास्क फोर्स ऑन क्लाइमेट-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोजर (टीसीएफडी) के अनुरूप भी है। यह साझेदारी एयू एसएफबी की लचीली बैंकिंग प्रणालियों और सतत वित्तीय समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराती है और इसमें तीन प्रमुख घटक शामिल हैं :
1. फिजिकल रिस्क असेसमेंट : बैंक के लोन पोर्टफोलियो पर बाढ़, सूखा और चरम मौसम घटनाओं जैसे भौतिक खतरों के प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें आईपीसीसी (इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज) के परिदृश्यों और 2100 तक की दीर्घकालिक भविष्यवाणियों का उपयोग करते हुए एक जोखिम हीटमैप तैयार किया जाएगा, जिससे संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्रों और क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।
2. ट्रांजिशन रिस्क असेसमेंट: भारत के लो-कार्बन लक्ष्यों से संबंधित नीतिगत बदलावों, बाजार परिवर्तनों और तकनीकी व्यवधानों से उत्पन्न संभावित वित्तीय जोखिमों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके लिए बैंक नेटवर्क फॉर ग्रीनिंग द फाइनेंशियल सिस्टम (एनजीएफएस) के परिदृश्यों का उपयोग करेगा।
3. फाइनेंस्ड एमिशन कैल्कुलेशन : बैंक अपने विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों — जैसे कॉरपोरेट ऋण, एसएमई फाइनेंस, रियल एस्टेट और सरकारी बॉन्ड — में फाइनेंस्ड एमिशन (स्कोप 3, कैटेगरी 15) को मापने के लिए पार्टनरशिप फॉर कार्बन अकाउंटिंग फाइनेंशियल्स की पद्धति अपनाएगा। यह गणना वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए की जाएगी। इस तकनीकी सलाह कार्यक्रम के विश्लेषणात्मक मॉडलिंग और मापन कार्यों में आईएफसी को स्टेपचेंज नामक एक विशेषीकृत क्लाइमेट रिस्क समाधान प्रदाता का सहयोग प्राप्त होगा।
AU Small Finance Bank के संस्थापक, MD और CEO संजय अग्रवाल ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम दोहराते हैं कि समावेशी विकास का मार्ग तभी सार्थक है जब वह टिकाऊ हो। आईएफसी के साथ यह साझेदारी AU SFB की स्थिरता यात्रा में एक रणनीतिक मोड़ है। भारत के अविकसित क्षेत्रों में सेवा देने वाले एक मूल्य-आधारित संगठन के रूप में हम समझते हैं कि क्लाइमेट रेजिलियंस लंबी अवधि के वित्तीय समावेशन के लिए आवश्यक है। जलवायु संबंधी पहलुओं को हमारी जोखिम संरचना और निर्णय-प्रक्रिया में व्यवस्थित रूप से एकीकृत करके, हम अपने पोर्टफोलियो को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं और भारत के क्लाइमेट ट्रांजिशन के लिए पूंजी जुटाने की दिशा में अग्रसर हैं। यह पहल जिम्मेदार बैंकिंग और सभी हितधारकों के लिए सतत मूल्य सृजन के प्रति हमारी दोहरी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। एयू SFB पहले से ही सतत नेतृत्व प्रदर्शित कर चुका है। ग्रीन फिक्स्ड डिपॉजिट उत्पाद की शुरुआत के माध्यम से बैंक ने 31 मार्च 2025 तक 1,178 करोड़ जुटाए हैं, जिनका उपयोग केवल नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन क्षेत्रों में किया गया है।

