नई दिल्ली: Ather Energy की 2025 ईयर-एंड राईडिंग इनसाईट के मुताबिक भारत में electric two-wheeler के राईडर्स के बीच daily commute के लिए connected technology का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इस रिपोर्ट में city-wise राईडिंग व्यवहार प्रदर्शित कर रहा है कि software mobility में क्या परिवर्तन लेकर आ रहा है।
भारत में पाँच लाख से अधिक connected Ather scooters से एकत्रित किए गए data में राईडिंग के व्यवहार, safety measures और आवागमन की आदतों का खुलासा हुआ है। data में सामने आया कि Mumbai के मुकाबले Bengaluru के राईडर sudden braking चार गुना अधिक लगाते हैं। इससे शहर में ज्यादा unpredictable traffic और बार-बार रुकने और चलने की परिस्थिति प्रदर्शित होती है।
Ather Energy के Chief Business Officer, Ravneet Phokela ने कहा, “two-wheeler भारत में सबसे अधिक व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किए जाने वाले personal mobility solutions हैं। लेकिन लोग daily ride किस प्रकार करते हैं, इसकी real-time visibility बहुत कम है। हमारी year-end riding insight प्रदर्शित करती है कि software आवागमन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है, जो सड़क की परिस्थितियों के मुताबिक राईडर्स को बेहतर प्रतिक्रिया देने, riding behaviour की निगरानी करने तथा safety बढ़ाने में समर्थ बनाता है।”
Phokela ने कहा कि connected features लगातार तेजी से अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “financial year 2025 की दूसरी तिमाही में हमारे 88 प्रतिशत ग्राहकों ने हमारा connected software collection, AtherStack Pro भी खरीदा। इससे प्रदर्शित होता है कि राईडर्स software को केवल एक add-on नहीं मानते हैं, बल्कि ऐसी technology अपनाना चाहते हैं, जो उनके daily commute experience को और अधिक बेहतर बना दे।”
data में सामने आया कि राईडर software का उपयोग navigation और safety के अलावा भी कर रहे हैं। महिला World Cup final के दौरान 31,000 से अधिक राईडर्स ने live match score अपने scooter के dashboard पर देखा। इससे प्रदर्शित होता है कि connected electric two-wheeler किस प्रकार daily life में शामिल होकर एक interactive platform बनते जा रहे हैं।
विभिन्न शहरों में horn usage patterns में भी काफी अंतर था। Kolkata में horn देश में सबसे अधिक बजाया गया। यहाँ पर हर घंटे औसतन 131 बार horn बजाया गया। इससे इस शहर में dense traffic और काफी तेज आवाज में signal देने की आदत प्रदर्शित होती है। इसके विपरीत, Pune और Hyderabad जैसे शहर सबसे अधिक शांत शहरों में थे, जिससे यहाँ riding के लिए ज्यादा शांत और predictable environment प्रदर्शित होता है। South India में tier-2 cities और छोटे शहरों में भी riding का स्थिर behaviour प्रदर्शित हुआ, जहाँ sudden braking और horn usage की तीव्रता कम रही।
safety से संबंधित software features का उपयोग भी रोज बढ़ रहा है। Ather Energy का FallSafe system scooter के गिरने पर motor की power को अपने आप काट देता है। Mumbai और Bengaluru में यह feature कम बार activate हुआ। औसतन प्रति scooter हर दो साल में केवल एक बार activate हुआ। इसके मुकाबले, Delhi और Hyderabad जैसे शहरों में इस feature की activation rate ज्यादा दर्ज हुई। इससे सड़क की परिस्थितियों, traffic density और riding style में अंतर प्रदर्शित होता है।
connected feature, live location sharing safety बढ़ाने और location की जानकारी देने के लिए design किया गया है। इसका उपयोग ज्यादा traffic वाले शहरों में अधिक हुआ। Agra, Kota और New Delhi के राईडर्स ने अपनी live location Porvorim और Ramnagar जैसे छोटे व शांत शहरों के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा बार share की।
ये जानकारियाँ प्रदर्शित करती हैं कि भारत में electric two-wheeler का बाजार hardware और electrification से आगे बढ़ रहा है। sudden braking, horn usage, safety features के उपयोग और live location sharing का city-wise data देश में सड़क की बदलती परिस्थितियों और शहरों के traffic में राईडर्स के लिए software की बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित करता है।

