मुंबई, 19 जुलाई, 2026 | बिजनेस रेमेडीज | Association of Mutual Funds in India (AMFI) ने आज यूनिट धारक की मृत्यु के बाद यूनिट/धनराशि के दावे से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव की घोषणा की। AMFI इस बदलाव के साथ म्यूचुअल फंड ट्रांसमिशन प्रक्रिया को आसान बनाना चाहता है। ये बदलाव विशेष रूप से परिचालन संबंधी परेशानियों को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं कि निवेशक की मृत्यु होने की स्थिति में नामित व्यक्ति आसानी से यूनिट/धनराशि पर दावा कर सकें।
ये बदलाव हाल की उन बाजार रिपोर्ट के बाद आए हैं, जिनमें दावा प्रक्रिया के दौरान शोकग्रस्त परिवारों को होने वाली प्रशासनिक दिक्कतों, विशेष रूप से दस्तावेज से जुड़ी छोटी-मोटी गलतियों के कारण होने वाली परेशानी का जिक्र किया गया था। निवेशकों के हितों की रक्षा के नियामकीय लक्ष्यों के अनुरूप, AMFI ने यूनिट धारक की मृत्यु के बाद यूनिट/धनराशि के दावे से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव किया है, ताकि निवेशकों के लाभ के लिए ये उपाय लागू किए जा सकें।
पता बदलने की स्थिति से जुड़ा समाधान
जिन मामलों में मृतक यूनिट धारक के दस्तावेजों में दर्ज पते अलग हैं, वैसी स्थिति में Asset Management Companies (AMCs) को अब सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम पते की जानकारी पर भरोसा करें, बशर्ते नए पते से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हों।
नाम और हस्ताक्षर में अंतर के लिए एक समान ढांचा
यूनिट धारक के नाम या हस्ताक्षर में अंतर की समस्याओं से निपटने के लिए, विभिन्न AMCs नाम और हस्ताक्षर से जुड़ी छोटी-बड़ी गलतियों के मामलों में वैसे ही नियमों का पालन कर सकती हैं, जैसा कि SEBI के 06 फरवरी, 2026 के Master Circular के तहत RTA के लिए Annexure-10 में बताया गया है।
नए SOP दिशानिर्देश सभी सदस्य AMCs को जारी कर दिए गए हैं और ये तुरंत लागू हो गए हैं।
AMFI ने इन बदलावों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद के लिए AMCs के जरिए प्रशिक्षण पहल शुरू करने का प्रस्ताव किया है, ताकि नई प्रक्रिया को एक समान तरीके से लागू किया जा सके और नियामकीय दिशानिर्देशों का पालन हो सके।

