नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (IANS):
Union Minister Dr. Jitendra Singh ने कहा कि AI-driven translation tools (कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुवाद उपकरण) अब हिंदी सामग्री के प्रसार और व्याख्या को नई गति दे रहे हैं।
इन तकनीकों के माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान अब अधिक अर्थपूर्ण तरीके से विस्तृत दर्शकों तक पहुँच रहा है।
🧠 AI & Hindi: A Powerful Combination
Dr. Singh ने बताया कि Hindi का उपयोग सिर्फ एक भाषा के रूप में नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी Ministries और Departments में हिंदी का प्रयोग अनिवार्य होना चाहिए, ताकि communication और scientific awareness को नई दिशा मिल सके।
🏛️ Hindi Advisory Committee Meeting
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की Hindi Advisory Committee की पहली बैठक को संबोधित करते हुए,
Dr. Singh ने कहा कि देश के दक्षिणी राज्यों से आने वाले कर्मचारी भी अब तेजी से हिंदी का प्रयोग कर रहे हैं —
जो इस बात का प्रमाण है कि हिंदी अब pan-India communication की भाषा बनती जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी को modern technology से जोड़ना जरूरी है ताकि
विज्ञान और प्रौद्योगिकी की जानकारी लोकभाषा में अधिक प्रभावी तरीके से प्रसारित हो सके।
🌐 Digital Access in Hindi
Dr. Singh ने निर्देश दिया कि सभी Ministry websites को हिंदी में समान रूप से सुलभ (accessible) बनाया जाए,
ताकि वैज्ञानिक जानकारी हर नागरिक तक उसकी अपनी भाषा में पहुँच सके।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो अधिकारी या कर्मचारी हिंदी के प्रयोग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे,
उन्हें मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।
🗣️ Promoting Linguistic Diversity
Dr. Singh ने कहा कि जहाँ हिंदी का विकास आवश्यक है, वहीं क्षेत्रीय भाषाओं (regional languages) का संवर्धन भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति में भाषाई विविधता की आवाज़ झलकनी चाहिए।
“Hindi और regional languages मिलकर innovation, communication और nation-building के सशक्त माध्यम बन सकते हैं,” उन्होंने कहा।
🎓 UGC’s Role in Strengthening Hindi
मंत्री ने यह भी बताया कि University Grants Commission (UGC) अब
कर्मचारियों के लिए Hindi-based tools और resources उपलब्ध करा रहा है,
जिससे scientific communication में हिंदी की भूमिका और मजबूत हो रही है।
उन्होंने सभी मंत्रालयों से अपील की कि वे official work में हिंदी अपनाएं
ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त स्थान मिल सके।
📢 Committee Recommendations
Hindi Advisory Committee के सदस्यों ने सुझाव दिया कि —
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विभागीय कार्यों में हिंदी का उपयोग बढ़ाया जाए
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वैज्ञानिक विषयवस्तु (scientific content) को हिंदी में व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए
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और social media platforms के माध्यम से हिंदी कंटेंट को लोकप्रिय बनाया जाए
साथ ही, उन कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए जो हिंदी में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
🇮🇳
संक्षेप में:
AI tools, digital platforms और सरकारी पहल मिलकर हिंदी को न सिर्फ सशक्त बना रहे हैं,
बल्कि इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी की नई भाषा के रूप में स्थापित कर रहे हैं।




