Wednesday, February 18, 2026 |
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Agricultural Innovation और रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर 2030-31 तक 71.51 करोड़ रुपए का निवेश करेगी ‘इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड’

Indo US Bio-Tech Limited 2030-31 तक एग्रीकल्चरल इनोवेशन और आर एंड डी पर करेगी 71.51 करोड़ रुपए का निवेश

by Business Remedies
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जयपुर। अहमदाबाद आधारित इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड ने कृषि नवाचार और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीतिक विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2030-31 तक कुल 71.51 करोड़ रुपए के निवेश का रोडमैप जारी किया है। उच्च गुणवत्तायुक्त बीजों के विकास के लिए जानी जाने वाली यह कंपनी संरचित आर एंड डी कार्यक्रमों, निर्यात विस्तार और प्रोसेसिंग क्षमता वृद्धि के माध्यम से घरेलू और वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की योजना बना रही है।

सीड प्रोसेसिंग प्लांट और आर एंड डी इंफ्रास्ट्रक्चर (2026-27)

वर्ष 2026-27 में कंपनी 100 एकड़ भूमि पर 25 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश कर उन्नत अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां स्थापित करेगी। नियंत्रित वातावरण के लिए 1 एकड़ में हाईटेक ग्रीन हाउस पर 5 करोड़ रुपए से अधिक तथा 3 एकड़ में नेट हाउस पर 75 लाख रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।

इसके साथ ही 5000 वर्ग फुट में सीड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिस पर इंफ्रास्ट्रक्चर हेतु 75 लाख रुपए और मशीनरी पर 1.25 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है।

सीड एक्सपोर्ट पर रणनीतिक फोकस (2026-27 से)

कंपनी अमेरिकी बाजार में प्रवेश के लिए 5.70 करोड़ रुपए का निवेश करेगी, जिससे निर्यात लाइसेंस और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यहां से 12 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का अनुमान है और 2027-28 तक 10 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अफ्रीकी बाजार में 5.60 करोड़ रुपए के निवेश के साथ केन्या, नाइजीरिया और घाना में विस्तार किया जाएगा। यहां से 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि और 2027-28 तक 8 करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य है। कुल 11.30 करोड़ रुपए के निर्यात निवेश से 2027-28 तक ब्रेकईवन और 25 प्रतिशत प्रारंभिक लाभ मार्जिन का अनुमान है। 2035-36 तक संयुक्त निर्यात राजस्व 49.17 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

मूंगफली सीड प्लांट (संयुक्त उपक्रम)

कंपनी 15 करोड़ रुपए के निवेश से 50 प्रतिशत भागीदारी वाले संयुक्त उपक्रम में नया मूंगफली सीड प्लांट स्थापित करेगी। 2026-27 में कुल अनुमानित निवेश 59.55 करोड़ रुपए रहेगा।

टमाटर आर एंड डी परियोजना (2027-28 से पांच वर्षीय योजना)

रोगरोधी टमाटर किस्मों के विकास हेतु पांच वर्षीय परियोजना पर 5 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।

  • पहले वर्ष: लैब सेटअप एवं जेनेटिक स्क्रीनिंग (50 लाख रुपए)
  • दूसरे वर्ष: प्रजनन एवं फील्ड ट्रायल (75 लाख रुपए से अधिक)
  • तीसरे वर्ष: मॉलेक्यूल स्टडीज एवं उन्नत परीक्षण (1 करोड़ रुपए)
  • चौथे वर्ष: लार्ज स्केल ट्रायल (1.25 करोड़ रुपए)
  • पांचवें वर्ष: बाजार लॉन्च एवं किसान प्रशिक्षण (1.50 करोड़ रुपए)

इस परियोजना से 2-3 प्रतिरोधी किस्मों के विकास और 25-40 प्रतिशत तक यील्ड लॉस में कमी की संभावना है।

लौकी एवं मिर्च आर एंड डी (2028-29)

लौकी परियोजना पर 1.25 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश चार वर्षों में किया जाएगा, जिसमें लैब सेटअप, हाइब्रिडाइजेशन, मल्टी-लोकेशन ट्रायल और पूर्ण उत्पादन शामिल है।

मिर्च अनुसंधान परियोजना पर चार वर्षों में 2.15 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इसमें जर्मप्लाज्म संग्रह, मार्कर आधारित प्रजनन, बहु-स्थान परीक्षण और व्यावसायिक लॉन्च शामिल होगा।

प्रोसेसिंग क्षमता विस्तार (2029-30)

उत्पादन क्षमता वृद्धि के लिए अत्याधुनिक मशीनरी, उन्नत छंटाई प्रणाली और सुविधा विस्तार पर 5 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। यह चरण पूर्णतः अनुकूलित और आधुनिक प्रसंस्करण संयंत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

बैंगन आर एंड डी परियोजना (2029-30)

चार वर्षीय योजना के तहत 2.65 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। यह परियोजना जीवाणु मुरझान, फोमोप्सिस ब्लाइट और फल एवं तना छेदक के प्रति प्रतिरोधी उच्च उपज वाली संकर किस्मों के विकास पर केंद्रित है। किसानों के लिए 50-60 प्रतिशत तक उपज सुधार की संभावना जताई गई है। छठे वर्ष तक 31.25 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व का लक्ष्य है।

टमाटर सीड आर एंड डी (2030-31)

दो वर्षीय सुनियोजित पहल के तहत 2.69 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इसमें योजना, प्रयोगशाला विश्लेषण, उत्पाद विकास, परीक्षण और व्यावसायीकरण के चरण शामिल होंगे। इसका उद्देश्य पोषक तत्व निष्कर्षण और टिकाऊ पद्धतियों के माध्यम से टमाटर बीजों को नवीन स्वास्थ्य एवं कृषि समाधानों में विकसित करना है।

समग्र रणनीतिक दृष्टिकोण

कंपनी का मानना है कि 2030-31 तक 71.51 करोड़ रुपए के कुल निवेश से राजस्व वृद्धि, लाभप्रदता विस्तार और वैश्विक बाजार में सशक्त उपस्थिति सुनिश्चित होगी। परिचालन दक्षता में सुधार के चलते लाभ मार्जिन में निरंतर वृद्धि की संभावना है, जो दीर्घकाल में 70 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सभी परियोजनाओं की समयसीमा मौसमी परिस्थितियों और कृषि स्थितियों के अनुसार परिवर्तित हो सकती है।

कृषि नवाचार, निर्यात विस्तार और अनुसंधान-आधारित बीज विकास पर यह आक्रामक निवेश रोडमैप इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एग्री-सीड उद्योग में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।



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