Sunday, June 28, 2026 |
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अडानी समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹.1.5लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड अवसंरचना निवेश किया

by Business Remedies
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Gautam Adani addressing shareholders during Adani Group AGM 2026 announcing record infrastructure investment in India

अहमदाबाद। अडानी समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की कठोर अवसंरचना परियोजनाओं में ₹.1.5 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड पूंजी निवेश किया है। यह जानकारी अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने बुधवार को आयोजित 34वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए दी।

गौतम अडानी ने बताया कि यह निवेश केवल एक वित्तीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य और राष्ट्र निर्माण के प्रति समूह की गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश देश के विकास में विश्वास को दर्शाता है और यह साबित करता है कि अडानी समूह भारत की अगली विकास यात्रा को गति देने वाली अवसंरचना के निर्माण में लगातार निवेश कर रहा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अडानी समूह द्वारा किया गया निवेश देश के कुल नए निजी क्षेत्रीय पूंजी व्यय का 30 प्रतिशत से अधिक रहा। यह आंकड़ा समूह की निवेश क्षमता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। गौतम अडानी ने कहा कि किसी भी औद्योगिक समूह के इतिहास में कुछ वर्ष केवल उपलब्धियां नहीं होते, बल्कि वे उसकी पहचान तय करने वाले वर्ष बन जाते हैं। ऐसे वर्ष यह साबित करते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ विश्वास, धैर्य और संकल्प किस प्रकार संगठन को आगे बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 अडानी समूह के लिए ऐसा ही एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा। इस दौरान वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं, भू-राजनीतिक चुनौतियां गहरी हुईं और प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। इसके बावजूद अडानी समूह ने भारत के भविष्य पर अपना भरोसा बनाए रखा और विकास कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया। गौतम अडानी के अनुसार, जब कई संस्थाएं अनिश्चितताओं पर चर्चा कर रही थीं, तब अडानी समूह ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा था। इसी कारण समूह आज दुनिया के सबसे एकीकृत अवसंरचना मंचों में से एक के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि यह प्रगति आसान परिस्थितियों में नहीं हुई। समूह को असाधारण स्तर की जांच और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने अपने विकास कार्यक्रमों को न तो रोका और न ही धीमा किया। अडानी समूह ने हर चुनौती का सामना स्पष्ट उद्देश्य और मजबूत संकल्प के साथ किया। गौतम अडानी ने इस वर्ष जारी किए गए ₹.25,000 करोड़ के राइट्स इश्यू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह केवल पूंजी जुटाने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि समूह की विश्वसनीयता की एक महत्वपूर्ण परीक्षा थी। यह भारत के कॉरपोरेट इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था और निवेशकों ने इसमें सक्रिय भागीदारी कर समूह पर अपना विश्वास व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने जहां संदेह पैदा करने का प्रयास किया, वहीं निवेशकों ने समूह के विकास मॉडल पर भरोसा जताते हुए उसका समर्थन किया। इस समर्थन ने अडानी समूह को भारत के विकास में और अधिक योगदान देने का अवसर प्रदान किया। गौतम अडानी ने कहा कि आज अडानी समूह उन चुनिंदा वैश्विक कंपनियों में शामिल है जो भविष्य की परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से ही उनकी तैयारी कर चुकी हैं। समूह ने वर्षों पहले ही यह समझ लिया था कि दुनिया एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां भू-राजनीतिक तनाव बढ़ेंगे, आपूर्ति श्रृंखलाएं अधिक जटिल होंगी और ऊर्जा सुरक्षा फिर से रणनीतिक प्राथमिकता बनेगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीकी नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वायत्तता की प्रतिस्पर्धा केवल महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि मजबूत अवसंरचना से तय होगी। इसी सोच के साथ अडानी समूह ने समय रहते निवेश बढ़ाया और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता का विस्तार किया। अडानी समूह का मानना है कि भारत के विकास की गति को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना निवेश आवश्यक है। इसी उद्देश्य के तहत समूह ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में निरंतर निवेश कर रहा है, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को नई मजबूती मिल सके।



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