Friday, August 21, 2026 |
Home Share Marketभारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में बंद, ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में बंद, ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

by Business Remedies
0 comments
share market

 मुंबई, 26 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी दिन सीमित दायरे में बंद हुआ। कारोबार के अंत में ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 105.79 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरने के बाद 80,004 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 27.40 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,194.50 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 16 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरने के बाद 52,191.50 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 13.85 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त के बाद 55,914.40 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149.45 अंक या 0.83 प्रतिशत चढ़ने के बाद 18,265.30 पर बंद हुआ। एएसआईटी सी मेहता इंवेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के ऋषिकेश येदवे ने कहा, “निफ्टी ने एक गैप-अप के साथ शुरुआत की, फिर पूरे दिन सीमित दायरे में स्थिरता देखी गई और बाद में 24,222 के स्तर पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स 4.93 प्रतिशत गिरकर 15.30 पर आ गया, जो बाजार में उतार-चढ़ाव में कमी का संकेत है।” निफ्टी के ऑटो, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, कमोडिटीज सेक्टर में बिकवाली रही। वहीं, आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में खरीदारी रही। सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट, सनफार्मा, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, एम एंड एम, एलएंडटी, एक्सिस बैंक और मारुति टॉप लूजर्स रहे। वहीं, एशियन पेंट्स, इंफोसिस, जेएसडब्ल्यू स्टील, टीसीएस, टाटा स्टील और इंडसइंड बैंक टॉप गेनर्स रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,288 शेयर हरे, 1,634 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 109 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार जानकारों ने कहा कि कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद, बाजार में आईटी और एफएमसीजी क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन से तेजी आई। इस तेजी ने ऑटो जैसे अन्य क्षेत्रों में गिरावट को कम करने में मदद की। भारतीय करेंसी (मुद्रा) की बात करें तो रुपये में उतार-चढ़ाव 84.35 के दायरे में रहा, क्योंकि डॉलर 107 डॉलर के आसपास स्थिर रहा। एलकेपी सिक्योरिटी के जतिन त्रिवेदी ने कहा, “कच्चे तेल की रिकवरी ने मुद्रा में उतार-चढ़ाव में योगदान दिया। इसमें थोड़ी कमजोरी भी देखी गई। पूंजी बाजारों में सकारात्मक गति ने रुपये को कुछ समर्थन प्रदान किया, जिससे व्यापक वैश्विक दबावों की भरपाई हुई। रुपये की तत्काल सीमा 84.10 और 84.45 के बीच होने का अनुमान है, जिसमें बाजार की धारणा और डॉलर सूचकांक की चाल आगे की कार्रवाई को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”



You may also like

Leave a Comment