बिजनेस रेमेडीज। पंजाब के मोहाली आधारित कंपनी ‘पेंटागन रबर लिमिटेड’ रबर कन्वेयर बेल्ट निर्माण करने वाली विशेषज्ञ कंपनी है। गत वर्ष जून माह में कंपनी का आईपीओ आया था और कंपनी ने अब तक निवेशकों को अच्छा फायदा दिया है। 166 रुपए का उच्च स्तर बनाने के बाद अभी कंपनी का शेयर करेक्शन के बाद करीब १२८.५० रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में क्या कंपनी में निवेश संभावनाएं बन सकती है? इस संदर्भ में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, कारोबारी विस्तार, वित्तीय प्रदर्शन, प्रवर्तक अनुभव, इंडस्ट्री डायनॉमिक्स जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
कारोबारी गतिविधियां और
कारोबारी विस्तार
‘ Pentagon Rubber Limited ’ का इनकॉरपोरेशन वर्ष 2004 में हुआ था। पेंटागन रबर लिमिटेड रबर कन्वेयर बेल्ट, ट्रांसमिशन बेल्ट, रबर शीट और लिफ्ट बेल्ट बनाती है। पेंटागन रबर लिमिटेड की निर्माण इकाई चंडीगढ़ शहर से 25 किमी दूर पंजाब के डेराबस्सी में स्थित है। यह भारत की सबसे लंबी कन्वेयर बेल्टिंग प्रेस में से एक है, जिसकी उत्पादन क्षमता एक बार में 21 मीटर है। विनिर्माण इकाई की उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 300 वर्ग किमी से अधिक कन्वेयर रबर बेल्ट का निर्माण करने की है। कंपनी उत्पादन क्षमता को 600 किलोमीटर करने पर कार्य कर रही है। कंपनी के पास अंतरराष्ट्रीय मानकों से प्रमाणित एक आधुनिक प्रयोगशाला है और कंपनी ष्ठढ्ढहृ, क्चस्, ढ्ढस्, ढ्ढस्ह्र, स््रक्चस्, ्रस्, त्रह्रस्ञ्ज और ष्ट्रहृ मानकों के अनुसार कन्वेयर बेल्ट का उत्पादन करती है। कंपनी को ऑल इंडिया रबर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से एक्सपोर्ट मेरिट अवार्ड, स्पेशल डोमेस्टिक सेल्स अवार्ड और टॉप डोमेस्टिक सेल्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में कंपनी को कुल कारोबार का 15 फ़ीसदी डीलर डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क से, 40 फ़ीसदी कॉर्पोरेट से, करीब 40 फ़ीसदी सरकारी टेंडर से और 5 फ़ीसदी एक्सपोर्ट से हासिल हो रहा है। कंपनी देश की सभी प्रमुख सरकारी कंपनियों के साथ टेंडर के लिए पंजीकृत है। कंपनी द्वारा वर्तमान में फर्टिलाइजर, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य सेक्टर में प्रमुखता से रबर कन्वेयर बेल्ट की आपूर्ति की जा रही है। कंपनी द्वारा वर्तमान में 20 देशों में उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। सरकार द्वारा मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में प्रमुखता से ध्यान दिया जा रहा है, इससे बड़ी मात्रा में कन्वेयर बेल्ट की मांग उभर रही है।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2020 में कंपनी ने 19.39 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 93.81 लाख रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2021 में कंपनी ने 23.19 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 1.10 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 35.11 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 3.05 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 43.22 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 3.10 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 58.01 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 4.44 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन 7.65 रहा है जो कि मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में काफी अच्छा कहा जा सकता है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 5.76 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है। इस आधार पर कंपनी का शेयर करीब 20.2 के पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है। कंपनी का रिटर्न ओन कैपिटल एंप्लॉयड 27.4 फीसदी और रिटन ओन इक्विटी 51.4 फीसदी है। वित्त वर्ष 24 में कंपनी के रिजर्व्स गत वित्त वर्ष के 3.24 करोड़ रुपए से बढक़र 21.24 करोड़ रुपए हो गए हैं। कंपनी की कुल असेट्स वित्त वर्ष 24 में 56.23 करोड़ रुपए दर्ज की गई है। कंपनी में प्रवर्तकों की 70.4 फीसदी और विदेशी प्रत्यक्ष निवेशकों की 7.68 फीसदी हिस्सेदारी है।

आशीष जैन
कंपनी प्रवर्तकों का अनुभव
कंपनी प्रवर्तक एवं प्रबंध निदेशक 50 वर्षीय आशीष जैन ने केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री और फाइनेंस विषय में एमबीए की डिग्री हासिल की है। उन्हें रबड़ इंडस्ट्री में काम करने का 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वें कंपनी के मुख्य नीतिगत निर्णय लेते हैं।
कंपनी प्रवर्तक एवं पूर्णकालिक निदेशक 69 वर्षीय अनिल जैन ने कॉमर्स विषय में स्नातक की डिग्री हासिल की है। कंपनी प्रवर्तक एवं पूर्णकालिक निदेशक 41 वर्षीय सौरभ जैन ने बीबीए की डिग्री हासिल की है। कंपनी प्रवर्तक एवं गैर कार्यकारी निदेशक 59 वर्षीय ललित जैन ने एसोसिएट साइंस इन पॉलीमर टेक्नोलॉजी (रबड़) में डिप्लोमा हासिल किया है।
इंडस्ट्री डायनॉमिक्स
भारत में कन्वेयर बेल्ट बाजार का आकार 2023 में 531 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। आगे देखते हुए, आईएमएआरसी समूह को उम्मीद है कि 2032 तक यह बाजार 827 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो 2024-2032 के दौरान 4.9त्न की विकास दर (सीएजीआर) है। भारत कन्वेयर बेल्ट बाजार मुख्य रूप से तेजी से औद्योगीकरण और बढ़ती ढांचागत विकास गतिविधियों द्वारा संचालित हो रहा है। प्रारंभिक उत्खनन बिंदु से लेकर परिष्कृत सामग्री के उत्पादन तक खनन चक्र के दौरान अयस्कों, सांद्रणों और अवशेषों को ले जाने के लिए कन्वेयर बेल्ट का उपयोग खनन और उद्योग में भी व्यापक रूप से किया जाता है। इसके अलावा, विभिन्न उत्पाद नवाचार, जैसे कपड़ा-प्रबलित और स्टील कॉर्ड-प्रबलित बेल्ट का विकास, बाजार के विकास को गति प्रदान कर रहे हैं। परिचालन दक्षता, लाभप्रदता और सुरक्षा में वृद्धि के लिए जुड़े उपकरणों के साथ औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स का एकीकरण भी बाजार के विकास में योगदान दे रहा है। कन्वेयर बेल्ट का उपयोग विमान के डिब्बों में सामान संभालने और कार्गो परिवहन के लिए और बड़े इंजनों, ट्रकों और कारों को ले जाने के लिए ऑटोमोबाइल विनिर्माण संयंत्रों में भी किया जाता है, जो बाजार को आगे बढ़ा रहा है। खाद्य और पेय उद्योग में बढ़ते उत्पाद अपनाने सहित अन्य कारकों से देश भर में बाजार को विकास की ओर ले जाने का अनुमान है। उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि देश में कन्वेयर बेल्ट का कारोबार अच्छी गति से आगे बढ़ेगा और इस स्थिति का फायदा इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ‘पेंटागन रबर लिमिटेड’ को भी लंबे समय तक मिलेगा।
लिस्टिंग के मायने
कंपनी का IPO NSE emerge platform पर 26 जून को खुलकर 30 जून 2023 को बंद हुआ था। कंपनी द्वारा 10 रुपए फेसवैल्यू के 2310000 शेयर बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 65 से 70 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 16.17 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। इसके बाद कंपनी ने निवेश को अच्छा फायदा देते हुए 166 रुपए का स्तर हासिल किया है। लिस्टिंग से कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और कंपनी में रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है। कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी बीलाईन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है

