Wednesday, October 7, 2026 |
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छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बढ़ेगी फंडिंग

by Business Remedies
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कैबिनेट ने दस हजार करोड़ रुपए के एसएमई ग्रोथ फंड को दी मंजूरी
नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को 10,000 करोड़ रुपए के एसएमई ग्रोथ फंड (एसजीएफ) को स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए विकास केंद्रित पूंजी को बढ़ावा देना और मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-आधारित सेक्टर और रणनीतिक वैल्यू चेन में बेहतरीन भारतीय उद्यमों के विस्तार को सक्षम बनाना है। यह केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई उन व्यापक घोषणाओं का हिस्सा था, जिनका मकसद पूरे एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट उपलब्ध कराना था।
विकसित भारत-2047 विजन को साकार करने की पहल
कैबिनेट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ऐसे कई फंड मौजूद हैं, जो इक्विटी सपोर्ट देते हैं, लेकिन उनमें से ज्यादा शुरुआती दौर के और मुख्य रूप से बहुत छोटे उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए इक्विटी ग्रोथ कैपिटल के मामले में एक संरचनात्मक कमी थी। बयान में कहा गया कि यह अहम पहल विकसित भारत- 2047 के विजन को साकार करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके तहत भारत के एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा। ग्रोथ-स्टेज वाली कंपनियों के लिए घरेलू कैपिटल मार्केट को और बेहतर बनाया जाएगा और ऐसी भारतीय कंपनियों की एक नई पीढ़ी तैयार की जाएगी जो ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने में सक्षम हों।
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है एसएमई
एसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार पैदा करने, एक्सपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट और इनोवेशन में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि कई पहलों से एमएमई के लिए क्रेडिट मिलना आसान हुआ है, फिर भी उन कंपनियों के लिए लंबे समय के रिस्क कैपिटल की कमी बनी हुई है, जो अपना दायरा बढ़ाना, इनोवेशन करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना, नई टेक्नोलॉजी अपनाना, दूसरी कंपनियों को खरीदना और इंडस्ट्री लीडर बनना चाहती हैं। सरकार के मुताबिक, एसएमई ग्रोथ फंड को इसी अहम फाइनेंसिंग गैप को दूर करने के लिए बनाया गया है। यह फंड उन एसएमई को पेशेंट ग्रोथ इक्विटी कैपिटल देता है जिनमें अच्छी संभावनाएं हैं और जिनका बिजनेस कामयाब और आगे बढऩे लायक साबित हो चुका है।

एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण को भी मंजूरी
वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ही एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) की स्थापना को मंजूरी दे दी। यह एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) होगा, जो परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में एकीकृत योजना, अनुसंधान, परियोजना मूल्यांकन और निगरानी का काम करेगा। इस फैसले का उद्देश्य विभिन्न परिवहन मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बिखरी हुई योजना और क्रियान्वयन के कारण लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करना है। सरकार का मानना है कि बेहतर समन्वय और मल्टीमॉडल एकीकरण से देशभर में बुनियादी ढांचे के विकास की दक्षता, स्थिरता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
आईटीएलए शीर्ष संस्था के रूप में करेगी काम
आईटीएलए परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग के लिए राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी। यह नीतिगत सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ अनुसंधान करेगी, परियोजनाओं का मूल्यांकन करेगी, क्रियान्वयन की निगरानी करेगी और क्षेत्र में निर्णय लेने में सहायता के लिए डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करेगी। प्राधिकरण की एक प्रमुख जिम्मेदारी व्यापक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करना होगी, जिसकी योजना अवधि 10 वर्ष या उससे अधिक होगी। इस योजना में परिवहन के प्रमुख साधनों को शामिल किया जाएगा, जिनमें सडक़, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।



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