Tuesday, September 29, 2026 |
Home Commodityभारत का Solar Manufacturing सेक्टर बना बड़ी सफलता की कहानी, US Trade Measures का भी कर सकता है सामना

भारत का Solar Manufacturing सेक्टर बना बड़ी सफलता की कहानी, US Trade Measures का भी कर सकता है सामना

18 महीनों में Solar Manufacturing में $16 अरब का Investment, घरेलू बाजार में बढ़ती मांग से मिलेगी मजबूती

by Business Remedies
0 comments
India solar manufacturing industry growth with renewable energy production

Solar Manufacturing में तेज Growth
नई दिल्ली। भारत का Solar Manufacturing सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और यह देश की Renewable Energy Journey की बड़ी सफलता के रूप में उभर रहा है। Rhodium Group की ‘Clean Investment Monitor’ Report के अनुसार, भारत के Solar Manufacturing क्षेत्र में पिछले 18 महीनों में करीब $16 अरब का Investment हुआ है।

Investment में जबरदस्त बढ़ोतरी
Report के मुताबिक, भारत में Solar Manufacturing Investment वर्ष 2018 में करीब $85 million था, जो Calendar Year 2025 तक बढ़कर लगभग $12 अरब पहुंच गया। इसके बाद 2026 के पहले छह महीनों में अतिरिक्त $4 अरब Investment Commit हुआ है।

Solar Capacity में हुआ विस्तार
भारत की Solar Module Manufacturing Capacity वर्ष 2014 में लगभग 2.5 GW थी, जो अब बढ़कर 242.7 GW हो गई है। Report के अनुसार, 2014 में देश में Cell Manufacturing Capacity नहीं थी, जबकि वर्तमान में भारत के पास 40.5 GW Cell और 2.5 GW Wafer Manufacturing Capacity मौजूद है।

Cell और Wafer Capacity बढ़ाने की तैयारी
Report में कहा गया है कि Module, Cell और Wafer Capacity के बीच मौजूद अंतर को कम करने के लिए आने वाले समय में करीब 40 GW अतिरिक्त Cell Capacity और 24 GW Wafer Capacity विकसित होने की संभावना है।

सरकारी नीतियों से मिली रफ्तार
भारत में Solar Manufacturing को बढ़ावा देने में Government की Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) Policy की अहम भूमिका रही है। इस नीति के तहत Solar Projects में Domestic Modules और Cells के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। अब इसे Wafer Manufacturing तक विस्तार देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

US Trade Measures की चुनौती
Report में बताया गया है कि अमेरिका भारतीय Solar Manufacturers के लिए एक महत्वपूर्ण Export Market है। US International Trade Commission द्वारा संभावित Anti-Dumping और Countervailing Duties की जांच की जा रही है, जिससे Export पर असर पड़ सकता है।

घरेलू बाजार देगा सहारा
भारत ने वर्ष 2025 में करीब $1.2 अरब मूल्य के Solar Modules और Cells का Export अमेरिका को किया था, जो कुल उत्पादन मूल्य का लगभग 13 प्रतिशत था। Report के अनुसार, US Trade Measures से Margins पर दबाव आ सकता है, लेकिन भारत का बड़ा और तेजी से बढ़ता Domestic Market अतिरिक्त Supply को संभालने में सक्षम है।



You may also like

Leave a Comment