नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत में फोल्डेबल स्मार्टफोन का बाजार तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है। Counterpoint Research की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 के अंत तक देश में फोल्डेबल स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट 30 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर जाएगी। वर्ष 2019 से 2026 के बीच इस श्रेणी में लगभग 80 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रहने का अनुमान है। बढ़ती कीमतों के बावजूद प्रीमियम ग्राहकों की मजबूत मांग इस बाजार को गति देती रहेगी।
2026 में 30 लाख यूनिट का आंकड़ा पार करेगा बाजार
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में फोल्डेबल स्मार्टफोन की शिपमेंट में सालाना करीब 8 फीसदी वृद्धि होने का अनुमान है, जो समग्र स्मार्टफोन बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन होगा। DRAM और NAND Flash Memory जैसे प्रमुख कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों के कारण स्मार्टफोन महंगे हो रहे हैं, लेकिन फोल्डेबल डिवाइस की मांग पर इसका सीमित असर पड़ेगा।
प्रीमियम ग्राहकों की बढ़ती रुचि बनेगी सबसे बड़ी ताकत
रिपोर्ट के मुताबिक प्रीमियम सेगमेंट के उपभोक्ता बेहतर डिजाइन, नई तकनीक, अधिक प्रोडक्टिविटी और बेहतर User Experience को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं आसान फाइनेंसिंग विकल्प और आकर्षक EMI योजनाएं भी फोल्डेबल स्मार्टफोन को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद कर रही हैं।
Samsung रहेगा सबसे बड़ा खिलाड़ी
Counterpoint Research के वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक Prachir Singh के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में Samsung की हिस्सेदारी करीब 89 फीसदी रहने का अनुमान है। कंपनी की आठवीं पीढ़ी की Galaxy Z Series, शुरुआती बढ़त और उपभोक्ताओं का भरोसा इसकी मजबूत स्थिति का प्रमुख कारण है।
बुक-टाइप फोल्डेबल्स का रहेगा दबदबा
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में कुल फोल्डेबल स्मार्टफोन शिपमेंट में Book-Type Foldables की हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई रहेगी। बड़ी स्क्रीन, बेहतर मल्टीटास्किंग और प्रोडक्टिविटी फीचर्स के कारण इनकी मांग अधिक रहेगी। हालांकि ऊंची कीमतों के चलते यह श्रेणी फिलहाल सीमित रहेगी, लेकिन भविष्य में भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर के रूप में उभरने की पूरी संभावना है।

