Thursday, July 2, 2026 |
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समय पर इलाज मिले तो स्ट्रोक के मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं : डॉ. विक्रम बोहरा

by Business Remedies
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जयपुर | चारू भाटिया | Stroke, मिर्गी, Parkinson’s रोग, Migraine और Alzheimer’s रोग जैसे Neurological विकार दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं, जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य आधुनिक चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। न्यूनतम Invasive प्रक्रियाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई उपचार पद्धतियों में हुई प्रगति ने Neurological देखभाल को बदल दिया है, लेकिन जागरूकता और समय पर निदान अब भी बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं। इस विशेष साक्षात्कार में Rajasthan Hospital , Jaipur के Chief Interventional Neurologist Dr. Vikram Bohra ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनी यात्रा, Neurology के विकास, आम मिथकों, AI की भूमिका, Stroke जागरूकता और Neurological देखभाल के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की।

प्रश्न. Neurology के क्षेत्र में आपका करियर बेहद प्रतिष्ठित रहा है। कृपया हमें चिकित्सा क्षेत्र में अपनी यात्रा और उन अनुभवों के बारे में बताइए, जिन्होंने आपको इस विशेषज्ञता को चुनने के लिए प्रेरित किया?

उत्तर: चिकित्सा क्षेत्र में आने की प्रेरणा मुझे मेरे मामा से मिली, जो स्वयं डॉक्टर थे। मैंने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई Beawar में की, जिसके बाद जीवविज्ञान विषय के साथ उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए Bhilwara जिले के एक गांव में गया। इसके बाद मैंने MBBS के लिए Mumbai के Grant Government Medical College में प्रवेश लिया। उस समय मैंने सोच-समझकर Mumbai को चुना क्योंकि GMC भारत के शीर्ष पांच Medical Colleges में से एक था। वर्ष 2005 में अपनी Medical शिक्षा पूरी करने के दौरान मुझे विभागाध्यक्ष Dr. Alka Deshpande के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिला। Neurology के प्रति उनका जुनून मुझे इस विशेषज्ञता की ओर लेकर गया। इसके बाद मैंने Udaipur से Medicine में MD किया। हालांकि मुझे Ahmedabad में भी प्रवेश मिल गया था, लेकिन क्षेत्रीय कारणों से मैंने Udaipur को प्राथमिकता दी। स्नातकोत्तर अध्ययन के दौरान मुझे Dr. D.C. Kumawat के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिला, जिनके मार्गदर्शन ने मेरी Clinical सोच को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। DM प्रशिक्षण के दौरान Neurology में मेरी रुचि और गहरी हो गई क्योंकि मुझे महसूस हुआ कि इस विशेषज्ञता में काफी बदलाव आ चुका है। पहले कई Neurological बीमारियों के उपचार के सीमित विकल्प थे, लेकिन नई उपचार पद्धतियों ने कई बीमारियों का इलाज या प्रभावी प्रबंधन संभव बना दिया था। इसी विश्वास ने मुझे Delhi के GB Pant Institute से Neurology में DM करने के लिए प्रेरित किया। DM के बाद मैंने कुछ समय Jaipur के Metro MAS Hospital में कार्य किया। एक Stroke मरीज, जिसकी स्थिति बड़ी रक्तवाहिका में अवरोध के कारण लगातार बिगड़ रही थी, ने मेरे भविष्य का निर्णय स्पष्ट कर दिया कि मुझे Neurointervention को उप-विशेषज्ञता के रूप में अपनाना है। Super-specialization पूरा करने के बाद मैंने Bengaluru में कार्य किया और उसके बाद Jaipur आ गया। Rajasthan Hospital से जुड़ने से पहले मैं EHCC Hospital और Birla Hospital से भी जुड़ा रहा हूँ। अपने करियर के दौरान मैंने सबसे बड़ा बदलाव Stroke प्रबंधन में देखा है। पहले उपचार के विकल्प सीमित थे और परिणाम अक्सर संतोषजनक नहीं होते थे। लेकिन वर्ष 2013-14 के आसपास Mechanical Thrombectomy जैसी Interventional प्रक्रियाओं ने Stroke उपचार में क्रांतिकारी बदलाव ला दिया। अब चयनित मरीजों के मस्तिष्क से रक्त के थक्के निकाले जा सकते हैं। इन प्रगतियों ने मरीजों के स्वस्थ होने और जीवित रहने की संभावनाओं में उल्लेखनीय सुधार किया है।

प्रश्न. पिछले दो दशकों में Neurology किस प्रकार विकसित हुई है?

उत्तर: पिछले बीस वर्षों में Neurology ने अत्यधिक प्रगति की है। आज कई ऐसे Neurological विकार, जिनका पहले उपचार कठिन माना जाता था, उनके लिए प्रभावी जांच और उपचार उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए, अब कई Paraneoplastic Neurological विकारों के उपचार उपलब्ध हैं। मिर्गी के उपचार में भी काफी सुधार हुआ है। नई Anti-epileptic दवाएं बेहतर तरीके से दौरे नियंत्रित करती हैं और इनके दुष्प्रभाव भी कम होते हैं, जिससे मरीज अधिक सामान्य जीवन जी पाते हैं। Parkinson’s रोग के उपचार में भी प्रगति हुई है। उपयुक्त मरीजों के लिए Deep Brain Stimulation जैसी शल्य प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। Migraine के उपचार में भी विशेष प्रकार की रोकथाम करने वाली दवाएं और Injection आधारित उपचार उपलब्ध हुए हैं, जो लंबे समय से सिरदर्द से पीड़ित मरीजों को राहत प्रदान करते हैं। एक और बड़ा बदलाव पारंपरिक Open Surgery से न्यूनतम Invasive Neuro-interventional प्रक्रियाओं की ओर हुआ है। इन तकनीकों से जटिलताएं कम होती हैं, अस्पताल में रहने की अवधि घटती है और मरीज तेजी से स्वस्थ होते हैं।

प्रश्न. Neurological बीमारियों से जुड़े ऐसे कौन से आम मिथक हैं, जिन पर लोगों को अब विश्वास करना बंद कर देना चाहिए?

उत्तर: सबसे बड़ा मिथक यह है कि Brain Stroke का कारण धार्मिक या अलौकिक शक्तियां होती हैं। यह पूरी तरह गलत है। Stroke एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जो या तो मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति रुकने या मस्तिष्क के भीतर रक्तस्राव होने के कारण होती है। यदि मरीज उपचार की स्वर्णिम अवधि के भीतर, जो पात्र मामलों में सामान्यतः 4.5 से 6 घंटे के बीच होती है, अस्पताल पहुंच जाए, तो उसे ऐसा उपचार दिया जा सकता है जिससे उसके स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। एक और आम भ्रांति मिर्गी से जुड़ी है। आज भी कई लोग मानते हैं कि दौरे के दौरान मरीज को जूता सूंघाने से दौरा रुक जाता है। वैज्ञानिक रूप से इसका बिल्कुल कोई लाभ नहीं है। अधिकांश मिर्गी के दौरे दो से तीन मिनट में स्वयं ही रुक जाते हैं। चूंकि लोग उसी दौरान ऐसे घरेलू उपाय करते हैं, इसलिए वे गलतफहमी पाल लेते हैं कि जूता सूंघाने से मरीज ठीक हुआ। मिर्गी एक Neurological बीमारी है, जिसका उचित चिकित्सकीय उपचार आवश्यक है।

Migraine भी एक ऐसी बीमारी है, जिसे अक्सर गलत समझा जाता है। बार-बार सिरदर्द की शिकायत करने वाली युवा महिलाओं पर कभी-कभी घर के काम से बचने के लिए बहाने बनाने का आरोप लगाया जाता है। जबकि वास्तविकता यह है कि बार-बार होने वाला सिरदर्द Migraine का संकेत हो सकता है, जो एक वास्तविक Neurological बीमारी है और जिसके लिए सही जांच एवं उपचार आवश्यक है।

प्रश्न. Artificial Intelligence तेजी से स्वास्थ्य सेवा को बदल रही है। Neurology में यह किस प्रकार मदद कर रही है?

उत्तर: Artificial Intelligence Neurological चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण सहायक प्रणाली बनती जा रही है। Stroke की पहचान ऐसा क्षेत्र है, जहां AI आधारित Software अत्यंत उपयोगी साबित हुए हैं। अब CT Scan का विश्लेषण कहीं अधिक तेजी से किया जा सकता है, जिससे डॉक्टर कुछ ही मिनटों में अवरुद्ध धमनियों, रक्तस्राव या क्षतिग्रस्त मस्तिष्क ऊतक की पहचान कर लेते हैं। AI Medical Image के विश्लेषण में भी सहायता करता है, जिससे निदान की सटीकता बढ़ती है और Neurologist तेजी से उपचार संबंधी निर्णय ले पाते हैं।

एक अत्यंत आशाजनक क्षेत्र Perfusion Imaging है, जो मस्तिष्क के ऊतकों में रक्त प्रवाह का मूल्यांकन करती है। यह रक्त की मात्रा, रक्त प्रवाह और Transit Time को मापती है, जिससे डॉक्टर यह पहचान सकते हैं कि पारंपरिक उपचार अवधि बीत जाने के बाद भी मस्तिष्क का कौन सा हिस्सा बचाया जा सकता है। शोधकर्ता इस बात का भी अध्ययन कर रहे हैं कि Stroke के उपचार की समय-सीमा को पारंपरिक स्वर्णिम अवधि से आगे किस प्रकार सुरक्षित रूप से बढ़ाया जा सकता है।

Smartwatch जैसे पहनने योग्य उपकरण भी एक महत्वपूर्ण नवाचार हैं। इनमें से कई लगातार हृदय की धड़कन और नाड़ी की निगरानी कर सकते हैं, जिससे ऐसी असामान्यताओं की पहचान हो सकती है जो Stroke का जोखिम बढ़ाती हैं। प्रौद्योगिकी डॉक्टरों का स्थान नहीं ले रही है, बल्कि Neurological निदान को अधिक तेज, अधिक सटीक और अधिक प्रभावी बना रही है।

प्रश्न. ऐसी कौन-सी जीवनशैली संबंधी आदतें हैं, जो तेजी से Neurological समस्याओं का कारण बन रही हैं?

उत्तर: अत्यधिक Smartphone का उपयोग आज सबसे बड़ी जीवनशैली संबंधी चिंताओं में से एक बन गया है। लंबे समय तक Screen के संपर्क में रहने से सामान्य नींद प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर पड़ता है। खराब नींद चिंता, एकाग्रता में कमी और कई Neurological समस्याओं का कारण बनती है।

Mobile Phone का उपयोग करते समय गलत मुद्रा अपनाने के कारण Cervical Spine संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। Digital Content अस्थायी रूप से तनाव कम कर सकती है, लेकिन इस पर अत्यधिक निर्भरता धीरे-धीरे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और एकाग्रता को कम कर देती है। समय के साथ यह स्मृति संबंधी शिकायतों और Cognitive क्षमता में गिरावट का कारण बन सकती है। मस्तिष्क के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अच्छी नींद लेना, अनावश्यक Screen Time कम करना और सक्रिय जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

प्रश्न. Neurological शोध के क्षेत्र में वर्तमान में कौन-सी महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आ रही हैं?

उत्तर: वर्तमान समय में Neurology के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यंत उत्साहजनक शोध हो रहे हैं। सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक Alzheimer’s रोग के लिए नई दवाओं का विकास है, जो चयनित मरीजों में बीमारी की प्रगति को धीमा करने की आशा प्रदान करती हैं। Migraine का उपचार भी तेजी से विकसित हो रहा है। नई दवाएं और रोकथाम संबंधी उपचार मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार कर रहे हैं। शोध लगातार ऐसे कई Neurological विकारों के उपचार की संभावनाओं का विस्तार कर रहा है, जिन्हें कभी अत्यंत कठिन माना जाता था।

प्रश्न. Neurological स्वास्थ्य के संदर्भ में ऐसे कौन-से चेतावनी संकेत हैं, जिन्हें लोगों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

उत्तर: कुछ लक्षण ऐसे होते हैं, जिनमें तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक होता है। अचानक होने वाला अत्यधिक तेज सिरदर्द, विशेषकर यदि वह सुबह जागने के तुरंत बाद हो या उसके साथ धुंधला दिखाई देना अथवा दृष्टि चली जाना जैसी समस्या हो, तो उसे कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार शरीर के एक तरफ अचानक कमजोरी या लकवा महसूस होना Stroke का संकेत हो सकता है और इसके लिए तुरंत चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है।

Stroke के लक्षणों को पहचानने के लिए लोगों को बचाव सूत्र याद रखना चाहिए।

  • ब – बाजू: एक हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन।
  • च – (चेहरा): चेहरे का एक हिस्सा लटक जाना या सुन्न महसूस होना।
  • आ – आवाज: अस्पष्ट बोलना या बोलने में कठिनाई होना।
  • व – वक्त: वक्त रहते तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।

सबसे महत्वपूर्ण संदेश बहुत सरल है: जितना समय नष्ट होगा, उतना ही मस्तिष्क का नुकसान होगा। Stroke सबसे सामान्य Neurological आपात स्थितियों में से एक है। इसमें हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है और समय पर उपचार मिलने से मरीज के स्वस्थ होने तथा जीवित रहने की संभावना में उल्लेखनीय सुधार होता है।

प्रश्न. Neurological मरीजों का उपचार करते समय आपको सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना किन रूपों में करना पड़ता है?

उत्तर: सबसे बड़ी चुनौती जागरूकता की कमी है। कई मरीज Neurological लक्षणों को आपात स्थिति के रूप में नहीं पहचानते और इसलिए उपचार के लिए देर से अस्पताल पहुंचते हैं। दूसरी चुनौती लंबे समय तक उपचार का सही तरीके से पालन न करना है। कई मरीज बेहतर महसूस होने के बाद दवाएं लेना बंद कर देते हैं या Follow-up के लिए नहीं आते। इसके अलावा, बहुत से लोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और Cholesterol जैसे जोखिम कारकों की अनदेखी करते हैं, जबकि यही कारक Stroke और अन्य Neurological बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। सफल उपचार के लिए आवश्यक है कि मरीज स्वयं भी अपने स्वास्थ्य के प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी करें और आवश्यक जीवनशैली संबंधी बदलाव अपनाएं।

प्रश्न. आज की स्वास्थ्य व्यवस्था में आप डॉक्टर और मरीज के संबंध को किस दृष्टि से देखते हैं?

उत्तर: आज मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण डॉक्टरों के पास परामर्श के लिए सीमित समय होता है। परिणामस्वरूप वे हमेशा बीमारी और उपचार के प्रत्येक पहलू की विस्तार से व्याख्या नहीं कर पाते। फिर भी डॉक्टर अपने मरीजों को स्वस्थ करने के लिए पूरी तरह समर्पित रहते हैं। विश्वास कायम करना, खुला संवाद बनाए रखना और यथार्थवादी अपेक्षाएं रखना डॉक्टर और मरीज के संबंध को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवा सबसे बेहतर तब कार्य करती है, जब डॉक्टर और मरीज साझेदार के रूप में काम करते हैं।

प्रश्न. स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में सरकारी योजनाओं की भूमिका पर आपके क्या विचार हैं?

उत्तर: सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं ने निश्चित रूप से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए उपचार तक पहुंच को बेहतर बनाया है। हालांकि, संचालन संबंधी चुनौतियां अब भी मौजूद हैं। RGHS जैसी योजनाओं के तहत भुगतान में होने वाली देरी अस्पतालों पर वित्तीय दबाव डालती है और कभी-कभी सेवा उपलब्ध कराने को भी प्रभावित करती है। इसके अलावा, कई महत्वपूर्ण Neurological उपचार ऐसे हैं, जो वर्तमान पैकेजों के अंतर्गत पूरी तरह शामिल नहीं हैं। लेकिन यदि उपचार का दायरा और बढ़ाया जाए तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, तो स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सकती है।

प्रश्न. अंत में, जो युवा डॉक्टर Neurology के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें आप क्या सलाह देना चाहेंगे?

उत्तर: Neurology बौद्धिक रूप से अत्यंत प्रेरक और संतोषजनक विशेषज्ञता है, लेकिन यह उतनी ही चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक रूप से कठिन भी है। इस क्षेत्र को चुनने से पहले इच्छुक डॉक्टरों को कुछ समय Neurologist के साथ कार्य करते हुए बिताना चाहिए और इस पेशे की वास्तविकताओं को समझना चाहिए। अनुभवी विशेषज्ञों के साथ रहकर सीखने से उन्हें सही और सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि Neurology ऐसा क्षेत्र है, जिसमें जीवनभर सीखते रहना, धैर्य रखना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता आवश्यक होती है। जो लोग वास्तविक रुचि और यथार्थवादी अपेक्षाओं के साथ इस विशेषज्ञता में प्रवेश करते हैं, उन्हें यह क्षेत्र अत्यंत संतोष प्रदान करता है, क्योंकि आधुनिक Neuroscience में हो रही प्रगति के माध्यम से उन्हें मरीजों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने का अवसर मिलता है।



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